शुभेंदु गुप्ता/न्यूज 11 भारत
देवघर/डेस्क: उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा द्वारा जानकारी दी गयी है कि देवघर जिला अन्तर्गत वैसे दंपति जो बच्चों को गोद लेना चाहते है, जिला प्रशासन वैसे परिवारों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगा जो अनाथ बच्चों को गोद लेना चाहते है. इसके अलावा इस क्रम में दत्तक ग्रहण विनियम 2022 के प्रावधानों के तहत सभी आवश्यक प्रक्रिया का पालन करते हुए उपायुक्त सह ज़िला दंडाधिकारी द्वारा तीन बच्चियों के दत्तक ग्रहण का अंतिम आदेश पारित किया गया. इस आदेश के परिणामस्वरूप अनाथ एवं परित्यक्त बच्चों को एक स्नेहिल परिवार (माता -पिता) मिल गया.
आगे उपायुक्त ने अपील करते हुए कहा है कि ऐसे दंपति जो बच्चे को गोद लेना चाहते हैं, वे आगे आए एवं ऐसे बच्चों को गोद ले सकते हैं, ताकि इन ऐसे बच्चों को भी समाज के मुख्यधारा से जोड़ते हुए बेहतर भविष्य, बेहतर शिक्षा एवं बेहतर कल प्रदान किया जा सके. ज्ञात हो कि दो भारतीय और एक विदेशी दंपति ने बच्चियों को गोद लिया है.
नियम और प्रक्रिया के तहत दिये जा रहे है बच्चों को गोद
आप अनाथ बच्चों को गोद लेना चाहते है, तो दत्तक ग्रहण विनियम-2022 के प्रावधानों के तहत सभी आवश्यक प्रक्रिया का पालन करते हुए अनाथ बच्चे को गोद ले सकते हैं. उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी के निर्देश पर दत्तक ग्रहण का अंतिम आदेश पारित करता है. साथ ही इसके बाद अनाथ और परित्यक्त बच्चों को एक स्नेहिल परिवार (माता -पिता) मिलता है.
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