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रांची/डेस्क: झारखंड इस समय भीषण ठंड की चपेट में हैं. प्रदेश में सर्दी ने इस बार कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया हैं. बर्फीली हवाओं और गिरते तापमान ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया हैं. हालात ऐसे है कि सुबह के समय सड़कें सुनसान नजर आ रही है और बाजार भी देर से खुल रहे हैं. लोग केवल बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं.
गुमला सबसे ठंडा
राज्य में सबसे अधिक ठंड गुमला जिले में दर्ज की गई है, जहां न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया हैं. मौसम विभाग के अनुसार, इसमें और गिरावट की आशंका बनी हुई हैं. वहीं, खूंटी और हजारीबाग में भी तापमान 4 डिग्री के आसपास रिकॉर्ड किया गया हैं. ग्रामीण इलाकों में हालात और ज्यादा गंभीर है, जहां लोग अलाव के सहारे ठंड से बचने की कोशिश कर रहे हैं.
मौसम विभाग ने कड़ाके की ठंड और शीतलहर को लेकर चेतावनी जारी की हैं. मौसम विभाग ने पलामू, लातेहार, लोहरदगा, खूंटी, गढ़वा और गुमला में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया हैं. इन इलाकों में शीतलहर का असर ज्यादा रहने की संभावना हैं. वहीं, रांची, रामगढ़, बोकारो, पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा समेत 6 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया हैं.
ठंड से राहत के लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने कई जिलों में अस्थायी आश्रय गृह तैयार किए हैं. इन आश्रय स्थलों में जरूरतमंदों को ठहरने की सुविधा के साथ कंबल, चादर और तकिए मुफ्त में उपलब्ध कराए जा रहे हैं. रांची और बोकारो जैसे शहरों में प्रशासनिक अधिकारी रात के समय सड़कों पर उतरकर गरीबों और बेघर लोगों के बीच कंबल वितरण करते नजर आ रहे हैं. मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक झारखंड में ठंड से राहत मिलने की संभावना कम हैं. झारखंड में इस समय सर्दी सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि एक बड़ी चुनौती बनकर सामने खड़ी हैं.
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