बोकारो में जलजमाव से लोग परेशान, दशकों से नहीं निकला स्थायी समाधान

बारिश में आफत

बोकारो में जलजमाव से लोग परेशान, दशकों से नहीं निकला स्थायी समाधान

नया मोड़ से सीजेड गेट-दुग्गल गेट तक बारिश में सड़क बन जाती है तालाब, BSL प्रबंधन और प्रशासन से लोगों की गुहार

बोकारो में जलजमाव से लोग परेशान दशकों से नहीं निकला स्थायी समाधान

सुरेन्द्र प्रसाद/न्यूज11  भारत

बोकारो/डेस्क: बोकारो में हल्की बारिश के बाद ही कई प्रमुख सड़कों पर जलजमाव की समस्या गंभीर हो जाती है. नया मोड़ से सीजेड गेट, दुग्गल गेट, जोशी कॉलोनी, माराफारी और रेलवे कॉलोनी की ओर जाने वाले रास्ते पर दशकों से जलजमाव की समस्या बनी हुई है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार समस्या सामने आने के बावजूद इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है.

बारिश होते ही सड़क बन जाती है तालाब

नया मोड़ से सीजेड गेट और दुग्गल गेट की ओर जाने वाला मार्ग बोकारो के महत्वपूर्ण रास्तों में शामिल है. इस रास्ते से बड़ी संख्या में मजदूर और बीएसएल कर्मी रोजाना आवागमन करते हैं. लेकिन बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से लोगों की परेशानी बढ़ जाती है.

स्थानीय लोगों के अनुसार, थोड़ी सी बारिश में ही सड़क पर इतना पानी जमा हो जाता है कि दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.

स्कूल से लेकर मेडिकल इमरजेंसी तक परेशानी

जलजमाव के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है. नौकरी और ड्यूटी पर जाने वाले लोगों को भी पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी तरह की मेडिकल इमरजेंसी होने पर अस्पताल तक पहुंचना भी चुनौती बन सकता है.

BSL प्रबंधन और प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग

लोगों का आरोप है कि बीएसएल प्रबंधन को इस समस्या की जानकारी लंबे समय से है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकाला गया. स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, बीएसएल प्रबंधन और जनप्रतिनिधियों से इस समस्या पर गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की है.

दशकों पुरानी समस्या पर उठ रहे सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र से कई सांसद और विधायक चुने गए, लेकिन जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया. हर बारिश में सड़क पर पानी जमा होता है और लोगों को फिर उसी परेशानी से गुजरना पड़ता है.

अब सवाल यह है कि दशकों पुरानी इस समस्या का स्थायी समाधान आखिर कब होगा? क्या बीएसएल प्रबंधन और जिला प्रशासन मिलकर इस मार्ग की जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करेंगे?

स्थानीय निवासी नीरज कुमार श्रीवास्तव, बेबी देवी, लक्की कुमारी और आदित्य कुमार ने भी समस्या को लेकर अपनी चिंता जताई और स्थायी समाधान की मांग की.

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