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रांची/डेस्क: झारखंड में कोचिंग संस्थानों को लेकर रांची नगर निगम के एक्शन पर अब सियासत तेज हो गई है.. कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं.. बीजेपी ने कार्रवाई की टाइमिंग और सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए हैं, तो झामुमो ने छात्र आंदोलन के पीछे कोचिंग माफियाओं की भूमिका को बड़ा मुद्दा बताया है.. वहीं कांग्रेस ने कार्रवाई को नियमों के मुताबिक बताया है.
वहीं सत्ताधारी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए छात्र आंदोलन के पीछे कोचिंग संस्थानों और कथित कोचिंग माफियाओं की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. झामुमो का कहना है कि छात्रों को आंदोलन के लिए उकसाने और आंदोलन को हवा देने में कोचिंग माफियाओं की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए.
इधर कांग्रेस ने निगम प्रशासन की कार्रवाई का बचाव किया है. कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी संस्थान में नियमों का उल्लंघन पाया गया है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होना स्वाभाविक है.
छात्र आंदोलन, कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई और उसके बाद शुरू हुई सियासी बयानबाजी ने पूरे मामले को और गरमा दिया है. अब सवाल सिर्फ कार्रवाई का नहीं, बल्कि कार्रवाई की वजह, टाइमिंग और उसके पीछे की भूमिका का भी है. ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने के आसार हैं.
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