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गुमला/डेस्क: रमजान-उल-मुबारक के पवित्र महीने के आखिरी जुमे (शुक्रवार) को बसिया प्रखंड के किंदिरकेला स्थित नूरी मस्जिद में 'अलविदा जुमा' की नमाज पूरी अकीदत और सादगी के साथ अदा की गई. इस मौके पर क्षेत्र के मुस्लिम धर्मावलंबियों की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने खुदा की इबादत में सिर झुकाया और अमन-चैन की दुआएं मांगी.
नमाज से पूर्व मस्जिद के इमाम कैसर इक़बाल और हाफिज मसूद आलम ने खुतबा (धार्मिक उपदेश) देते हुए रमजान के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि रमजान का यह आखिरी जुमा हमें विदाई का संदेश देता है और यह आत्म-मंथन का समय है कि हमने इस पूरे महीने में कितनी नेकियां कमाई. उन्होंने समाज में भाईचारा बनाए रखने और गरीबों की मदद करने की भी अपील की.
अमन और भाईचारे की दुआ
नमाज के बाद सामूहिक रूप से दुआ मांगी गई. मस्जिद परिसर में हाथ उठाकर जायरीन ने देश और राज्य में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की. आपसी सौहार्द और भाईचारा मजबूत होने की दुआ की.
नमाज के मद्देनजर किंदिरकेला और आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन और स्थानीय युवाओं द्वारा बेहतर व्यवस्था की गई थी. नमाजियों की भीड़ को देखते हुए मस्जिद कमेटी के सदस्यों ने अनुशासन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. नमाज संपन्न होने के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर जुमे की मुबारकबाद दी. अलविदा की नमाज के साथ ही अब क्षेत्र में ईद-उल-फितर की तैयारियां तेज हो गई है. बाजारों में रौनक बढ़ गई है और लोग नए कपड़े, सेवइयां और अन्य जरूरी सामानों की खरीदारी में जुट गए है.
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