राहुल सिंह/न्यूज़11 भारत
रामगढ़/डेस्क: माननीय उच्च न्यायालय एवं झारखंड सरकार के दिशा-निर्देशानुसार मां छिन्नमस्तिका सिद्ध पीठ रजरप्पा मंदिर के प्रस्तावित पुनर्विकास कार्यों, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा बड़े कदम उठाए जा रहे हैं. इसी क्रम में शनिवार को उपायुक्त रामगढ़ ऋतुराज एवं पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत की संयुक्त अध्यक्षता में मंदिर परिसर स्थित प्रशासनिक भवन में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया.
माननीय उच्च न्यायालय एवं झारखंड सरकार द्वारा पारित दिशा-निर्देशों के आलोक में रजरप्पा मंदिर परिसर से पूर्व में अतिक्रमण हटाया गया है. इसी क्रम में उपायुक्त द्वारा जंगली क्षेत्रों में हो रहे अतिक्रमण को सख्ती से रोकने तथा वन भूमि का स्पष्ट डिमार्केशन (सीमांकन) करने का निर्देश दिया गया. साथ ही वन पट्टा तथा मंदिर की खतियान व भूमि संबंधी विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई.
मंदिर के सुचारू संचालन हेतु पूर्व में बनाए गए ट्रस्ट की कार्यप्रणाली की उपायुक्त ने जानकारी ली. उन्होंने ट्रस्ट समिति को निर्देश दिया कि ट्रस्ट से संबंधित सभी आवेदनों एवं दस्तावेजों को प्रस्तुत करें, ताकि ट्रस्ट की पुनः स्थापना हेतु अग्रतर विचार-विमर्श किया गया .
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों पर ऑनलाइन दर्शन हेतु एलईडी (LED) टीवी लगाने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा, मंदिर के विकास कार्यों में सहयोग और पारदर्शिता के लिए परिसर में क्यूआर (QR) कोड स्थापित करने की बात कही गई, जिससे सुरक्षा दान सीधे प्राप्त किया जा सके.
सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर की तर्ज पर रजरप्पा मंदिर की सुरक्षा और क्राउड मैनेजमेंट को सुचारू करने पर विस्तृत चर्चा हुई. पूरे मंदिर परिसर की 24x7 निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा एक अत्याधुनिक कंट्रोल रूम के निर्माण पर चर्चा की गई .
मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के लिए आसपास के क्षेत्रों में शराब की अवैध खरीद-बिक्री और सेवन को पूरी तरह प्रतिबंधित करने हेतु उत्पाद विभाग को नियमित रूप से छापेमारी करने का निर्देश दिया गया.
श्रद्धालुओं को बेहतर आपातकालीन स्वास्थ्य लाभ देने के मद्देनजर, प्रशासनिक भवन के समीप स्वास्थ्य व्यवस्था का निर्माण सुनिश्चित करने हेतु सीसीएल प्रबंधन को आवश्यक निर्देश दिए गए.
बैठक के उपरांत उपायुक्त ऋतुराज एवं उपस्थित सदस्यों द्वारा रजरप्पा मंदिर परिसर का व्यापक भ्रमण किया गया. इस दौरान प्रस्तावित विकास योजनाओं की रूपरेखा साझा करते हुए आने वाले समय में किए जाने वाले कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक एवं निरीक्षण के दौरान उपस्थित समिति के सदस्यों और दुकानदार संघ के लोगों द्वारा विभिन्न समस्याएं एवं सुझाव भी रखे गए, जिन्हें उपायुक्त ने गंभीरतापूर्वक सुना तथा उनके यथोचित निराकरण हेतु आवश्यक आश्वासन दिया.
विस्थापित दुकानदारों का पुनर्वास झारखंड सरकार एवं माननीय हाई कोर्ट के निर्देशानुसार उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि माननीय उच्च न्यायालय एवं झारखंड सरकार के निर्देशों के तहत जिन दुकानों को पूर्व में हटाया गया है, उन्हें खाली जगहों पर व्यवस्थित और पुनर्वासित करना जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है.
निरीक्षण के दौरान प्रस्तावित बस स्टैंड, भव्य प्रवेश द्वार (एंट्री गेट), निकास द्वार (एग्जिट गेट), पक्का घाट निर्माण तथा दुकानों के निर्माण सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं के लिए चिन्हित स्थलों का भौतिक निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.
मौके पर उपायुक्त ने कहा की रजरप्पा मंदिर झारखंड का एक प्रमुख आस्था केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. ऐसे में माननीय उच्च न्यायालय एवं झारखंड सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मंदिर परिसर के समुचित विकास, सुगम यातायात व्यवस्था, सुरक्षा एवं बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. पुनर्विकास कार्य को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा. सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर योजनाओं को मूर्त रूप देना सुनिश्चित करें.
निरीक्षण एवं बैठक के दौरान मुख्य रूप से अपर समाहर्ता मनिद्र भगत, अनुमंडल पदाधिकारी कृष्ण मुरारी तिरकी, प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा रविंद्र कुमार गुप्ता, मुख्यालय डीएसपी, अंचल अधिकारी चितरपुर, गोला सहित जिला प्रशासन के अन्य वरीय अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी सहित मंदिर न्यास समिति के सदस्यों एवं स्थानीय दुकानदार संघ के प्रतिनिधि भी मुख्य रूप से उपस्थित थे.