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रांची/डेस्क: मेदिनीनगर स्थित नीलाम्बर-पीताम्बर विश्वविद्यालय (NPU) में 'किल करप्शन–क्लिन कैंपस' अभियान के तहत आपसू और एनएसयूआई ने प्रेस वार्ता कर अंकेक्षण (ऑडिट) रिपोर्ट के पन्ने सार्वजनिक किए हैं. संगठन ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने नियमों की अनदेखी करते हुए कुलपति के लिए महंगे मोबाइल फोन की खरीद की, जिसमें निर्धारित सरकारी सीमा का उल्लंघन किया गया.
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, VC के लिए अमित टेलीकॉम से ₹76,999 की कीमत वाला OnePlus 13 (16/512) मोबाइल फोन खरीदा गया. इसके लिए बिल संख्या 10757 (9 मार्च 2025) तथा चेक संख्या 344347 (9 अप्रैल 2025) के माध्यम से भुगतान किया गया. झारखंड सरकार के वित्त विभाग के पत्रांक 1855/वि. (31 जुलाई 2024) के अनुसार, पदाधिकारियों के लिए मोबाइल सेट की अधिकतम सीमा ₹60,000 तय है, जिसके कारण तय सीमा से ₹16,999 अधिक का भुगतान किया गया.
ऑडिट ने अतिरिक्त ₹16,999 की राशि पर आपत्ति जताते हुए इसकी वसूली या समायोजन का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालय ने क्रय समिति और वित्त समिति की स्वीकृति का हवाला दिया, लेकिन ऑडिट ने इसे अपर्याप्त मानते हुए नियमों का अनुपालन न होने की बात कही.
आपसू और एनएसयूआई के प्रतिनिधियों (राहुल कुमार दुबे, अमरनाथ तिवारी, कमलेश कुमार पाण्डेय, राज नेहा चौबे, सानिया अग्रवाल, रिशु राज दुबे और प्रिया प्रजापति) ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सवाल किया है कि क्या समिति का फैसला सरकारी नियमों से ऊपर हो सकता है. संगठनों ने अतिरिक्त भुगतान की वसूली की स्थिति स्पष्ट करने, पूरी प्रक्रिया की जांच कराने और क्रय से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने की मांग की है.
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