चैनपुर के परमवीर अल्बर्ट एक्का महाविद्यालय में अल्बर्ट एक्का का शहादत दिवस मनाया गया

By : News11 Bharat
चैनपुर के परमवीर अल्बर्ट एक्का महाविद्यालय में अल्बर्ट एक्का का शहादत दिवस मनाया गया

राजन पाण्डेय/न्यूज11  भारत

चैनपुर/डेस्क: चैनपुर अनुमंडल मुख्यालय स्थित परमवीर अल्बर्ट एक्का मेमोरियल कॉलेज चैनपुर में अल्बर्ट एक्का के शहादत दिवस के शुभावसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए. सर्वप्रथम कार्यक्रम का शुभारंभ मार्च पास, बैंड डिस्पले, अल्बर्ट एक्का की स्टेच्यू पर माल्यार्पण और पुष्प अर्चना से की गई. कॉलेज कोयर दल द्वारा अल्बर्ट एक्का की महानता गाना की प्रस्तुति दी गई.

बतौर मुख्य अतिथि कॉलेज के प्राचार्य फादर अगस्तुस एक्का ने विद्यार्थियों और प्राध्यापकों को संबोधित करते हुए कहा कि परमवीर अल्बर्ट एक्का जैसे महान सपूत युग युगों बाद ही उत्पन होते हैं. 27 दिसम्बर 1942 को गुमला जिले केडुमरी प्रखंड के ( अब अल्बर्ट एक्का जारी ब्लॉक) जारी गांव में जुलियस एक्का और मरियम एक्का के परिवार में अल्बर्ट एक्का का जन्म हुआ था. वे बचपन से ही हॉकी खेलने और शिकार करने में पारंगत थे. अल्बर्ट एक्का 20  वर्ष की उम्र में ही भारतीय सेना की बिहार रेजिमेंट में ज्वॉइन कर 1962 के भारत - चीन युद्ध में अपनी बहादुरी और उत्कृष्ट सैन्य कौशल नेतृत्व से लोहा मनवाया था. 1971 के भारत - पाकिस्तान के युद्ध में उसने अपनी जान की परवाह किए बिना गंगासागर युद्ध में पाकिस्तानी सेना और दुश्मनों के होश उड़ा दिए. घायल होने के बावजूद भी उसने कई दुश्मनों को मार गिराया और पाकिस्तान की बंकरों को ग्रेनाइड से उड़ा कर नष्ट कर दिया. अंततः, भारत और मातृभूमि की रक्षा में वे वीरगति को प्राप्त हुआ.

शहीद अल्बर्ट एक्का की देशभक्ति, समर्पण और बहादुरी से लड़ी गई रणनीतिक युद्ध के बल पर भारत ने पाकिस्तान को बुरी तरह पराजित किया और 93000 पाकिस्तानी सेनाओं को समर्पण के लिए बाध्य किया. और इस प्रकार बांग्लादेश की स्वतंत्रता में भारत ने पूर्ण योगदान दिया.लांस नायक अल्बर्ट एक्का एक महान योद्धा  थे. उनमें अदम्य साहस, सैन्य शौर्य, और उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता थी. देश के लिए लड़ते हुए 3 दिसम्बर 1971 को वे वीरगति को प्राप्त हुए.मरणोपरांत उसे सर्वश्रेष्ठ सैन्य सम्मान परमवीर चक्र से नवाजा गया. उसके नाम डाक टिकट, और गुमला जिले के एक जिले का नाम अल्बर्ट एक्का जारी ब्लॉक रखा गया है. उनके नाम पर त्रिपुरा में लांस नायक अल्बर्ट एक्का मेमोरियल स्मारक पार्क स्थापित की गई है.

डॉ अजीता गुलाब मिंज ने भी संबोधित करते हुए कहा कि अल्बर्ट एक्का ने हमारे राज्य एवं देश का नाम रोशन किया है. उन्हें हम शत शत नमन एवं श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. तत्पश्चात कॉलेज के स्टूडेंट्स के लिए क्विज, संगीत प्रतियोगिता और पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई थी. ये सभी प्रतियोगिताएं अल्बर्ट एक्का, सेना और महापुरुषों के जीवन से संबंधित था. संगीत प्रतियोगिता में हीरामनी लकड़ा, क्विज में बेली ग्रुप और पेंटिंग में नेहा ग्रुप ने प्रथम स्थान प्राप्त किया जिसे कॉलेज प्रबंधन ने सम्मानित किया. अंत में सभी ने परमवीर अल्बर्ट एक्का जैसे महान योद्धा बनने का संकल्प लिया. कार्यक्रम का समापन  परमवीर अल्बर्ट एक्का की जय, लांस नायक अल्बर्ट एक्का अमर रहे की नारों एवं राष्ट्रीय गान से की गई. इस कार्यक्रम में कॉलेज के सभी विद्यार्थी और प्राध्यापक उपस्थित रहे.

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