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रांची/डेस्क: झारखंड के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय चौबे की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली हैं. हजारीबाग में वन भूमि की अवैध खरीद-बिक्री और नियमविरुद्ध म्यूटेशन से जुड़े एक मामले में अब उन्हें भी अभियुक्त बनाया जाना लगभग तय हो गया है. यह मामला फिलहाल भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा जांचा जा रहा है.
तत्कालीन CO ने डीसी पर लगाया आरोप
इस मामले में हजारीबाग सदर अंचल की तत्कालीन अंचल अधिकारी (CO) अलका कुमारी ने ACB कोर्ट में अपना बयान दर्ज करवाया है, जिसमें उन्होंने बड़ा खुलासा किया है. अलका कुमारी ने अपने बयान में कहा है कि तत्कालीन उपायुक्त विनय चौबे के मौखिक निर्देश पर ही उन्होंने वन भूमि प्रकृति की उस विवादित भूमि का म्यूटेशन किया था.
चौथे मामले में बनेंगे आरोपी
अलका कुमारी के इस खुलासे के बाद अब यह तय माना जा रहा है कि ACB जल्द ही इस पूरे मामले में आईएएस विनय चौबे को भी अभियुक्त बनाएगी. अगर ऐसा हुआ तो यह विनय चौबे के खिलाफ ACB का चौथा मामला होगा. इस केस का कांड संख्या 11/2025 है.
पहले ही तीन मामलों में घिरे हैं चौबे
विनय चौबे के खिलाफ ACB पहले ही तीन अलग-अलग मामले दर्ज कर चुकी है:
1. पहला केस: चर्चित शराब घोटाला (कांड संख्या 9/2025)
2. दूसरा केस: सेवायत भूमि की अवैध खरीद-बिक्री से जुड़ा मामला (कांड संख्या 9/2025), जिसमें विनय चौबे इस समय जेल में बंद हैं और जमानत के लिए हाईकोर्ट गए हैं. यह केस हजारीबाग में दर्ज हुआ था.
3. तीसरा केस: आय से अधिक संपत्ति की जांच से जुड़ा हुआ.
72 लोग नामजद, दो गिरफ्तार
ACB इस वन भूमि मामले में तेजी से जांच कर रही है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जा सकती है. इस केस में पांच सरकारी कर्मियों और अन्य लोगों को मिलाकर कुल 72 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है. अब तक नेक्सजेन ऑटोमोबाइल के मालिक विनय सिंह और हजारीबाग के लैंड ब्रोकर विजय सिंह को गिरफ्तार किया जा चुका है.
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