प्रेम कुमार सिंह/न्यूज 11 भारत
भरनो/डेस्क: भरनो प्रखंड के अमलिया पंचायत अंतर्गत विभिन्न गांवों में प्रकृति पर्व सरहुल हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ धूमधाम से मनाया गया.इस अवसर पर पंचायत के कई गांवों से सैकड़ों की संख्या में लोग अमलिया गांव पहुंचकर सरहुल जुलूस में शामिल हुए.पारंपरिक वेशभूषा महिलाएं लाल पाड़ साड़ी और पुरुष सफेद कुर्ता में सजे श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते हुए सरना स्थल तक पहुंचे, जिससे पूरा क्षेत्र उत्सवमय हो उठा.जुलूस के सरना स्थल पहुंचने के बाद गांव के पहान पुजारो द्वारा विधि-विधान से सरना झंडा स्थापित कर प्रकृति की पूजा-अर्चना की गई.पूजा के दौरान समाज की सुख-समृद्धि,अच्छी फसल और क्षेत्र में खुशहाली की कामना की गई.इसके पश्चात पहान द्वारा सरहुल का पवित्र सखुआ फूल एवं प्रसाद श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया.
प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर - मुखिया
मौके पर उपस्थित पूर्व मुखिया पंचू उरांव ने कहा कि सरहुल केवल एक पर्व नहीं,बल्कि प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करने का अवसर है.यह पर्व हमें पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के महत्व का संदेश देता है.उन्होंने कहा कि प्रकृति के बिना मानव जीवन की कल्पना संभव नहीं है,इसलिए हमें इसके संरक्षण के प्रति सजग रहना चाहिए.सरहुल जुलूस के दौरान आदिवासी समाज की समृद्ध कला,संस्कृति और परंपरा की मनमोहक झलक देखने को मिली.पारंपरिक नृत्य और गीतों ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया.सरहुल पर्व के सफल आयोजन से पूरे क्षेत्र में आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का संदेश भी देखने को मिला.
इस अवसर पर पहान साधो मुंडा,शिव उरांव, राजेश उरांव,कजरू उरांव,पंचू उरांव,भवरा मुंडा, जय करण उरांव,चरकू उरांव,मनोज मुंडा,नेपाल उरांव,संजू यादव,विवेक सिंह,अभिषेक सिंह,विराज मुंडा सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.
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