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बहरागोड़ा/डेस्क: राजनीतिक संकल्प और व्यक्तिगत आस्था का एक विरल संगम बुधवार को बहरागोड़ा के चित्रेश्वर शिव मंदिर में देखने को मिला, जहाँ पश्चिम बंगाल के गोपीबल्लापुर निवासी विकास दण्डपाट ने अपनी मन्नत पूरी होने पर एक अत्यंत कठिन अनुष्ठान संपन्न किया. पश्चिम बंगाल के राजनैतिक संघर्षों के बीच, विकास ने सालों पहले यह प्रण लिया था कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनने पर वे 108 कांटे अपने शरीर में चुभोकर भगवान शिव के दरबार पहुंचेंगे.
अपनी प्रतिज्ञा को निभाते हुए उन्होंने रगूनिया स्वर्णरेखा नदी घाट पर विधि-विधान के साथ अपने हाथ में कांटे चुभोए और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच मंदिर तक का सफर तय किया. उल्लेखनीय है कि विकास शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं और पूर्व में उन्हें अपने राजनैतिक झुकाव के कारण अपना घर तक खोना पड़ा था, लेकिन इन तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उनकी इच्छाशक्ति अडिग रही. स्वर्णरेखा के तट से चित्रेश्वर मंदिर तक की उनकी इस पदयात्रा और कठोर साधना को देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ी, जो उनके साहस और अटूट विश्वास की चर्चा करते नहीं थक रहे हैं.
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