रोहन निषाद/न्यूज11 भारत
चाईबासा/डेस्क: पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा प्रखंड के पहाड़डीहा गांव में दो बच्चियों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को जिले के सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी और सदर अस्पताल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट डॉ. शिवचरण हांसदा खुद गांव पहुंचे और स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण किया.
गांव में पहुंचकर लिया स्थिति का जायजा
अधिकारियों ने गांव में चल रही चिकित्सा व्यवस्था को देखा और स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. उन्होंने बरसात में फैलने वाली बीमारियों से बचाव, समय पर इलाज और निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया.
दूसरे दिन भी लगा स्वास्थ्य शिविर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में लगातार दूसरे दिन मेडिकल कैंप लगाया गया. कैंप में कुल 103 ग्रामीणों की जांच की गई. साथ ही संदिग्ध मरीजों के रक्त के नमूने भी लिए गए. जांच में 5 लोग मलेरिया से संक्रमित पाए गए, जिनका तुरंत इलाज शुरू कर दिया गया. बच्चों में पीलिया के लक्षणों की भी जांच की गई.
कैंप में गोइलकेरा सीएचसी की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जयश्री किरण सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे. इस दौरान 75 घरों में 100 मच्छरदानियों का वितरण किया गया. स्वास्थ्य टीम ने लोगों को मलेरिया, टाइफाइड, पीलिया और अन्य बरसात जनित रोगों के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जागरूक किया.
क्या है पूरा मामला
बता दें कि पहाड़डीहा में मंगलवार को अरनेश किस्कू की 12 वर्षीय बेटी लता किस्कू और सुदिन मुर्मू की 7 वर्षीय बेटी दीपिका मुर्मू की बीमारी के कारण मौत हो गई थी. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दोनों बच्चियां पीलिया से ग्रसित थीं और समय पर उपचार न मिलने के कारण उनकी जान गई.
इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने सख्ती बरती है. स्वास्थ्य विभाग ने गांव में लगातार निगरानी और इलाज की व्यवस्था जारी रखने का भरोसा दिलाया है.
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