रोहन निषाद/न्यूज 11 भारत
चाईबासा/डेस्क: पश्चिमी सिंहभूम जिले में आदिवासी उरांव समाज का महान त्योहार करमा पर्व को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है वही चाईबासा में सातों अखाड़ा में शुक्रवार को जावा जागरण किया गया. रात जग्गा कर शनिवार की सुबह सूर्योदय होने से पहले कुंवारी लड़कियां उपवास में रोरो नदी शमशान काली मंदिर से टोकरी में बालू उठाकर नाच-गान करते हुए पाहन पुजारी के घर लेकर आयी, इसके बाद उस बालू मे जावा मिलकर पांच दिन तक पाहन पुजारी के घर हर रोज सुबह-शाम धुप-धूमन दिखाकर एवं नृत्य संगीत कर सेवा करेगी.
पांच दिन बाद 3 सितंबर को उरांव समुदायों का महान त्योहार भादो एकादशी करम पूजा बहुत ही हर्षोल्लास व पारंपरिक नृत्य संगीत एवं श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा. उसके दूसरे दिन 4 सितंबर गुरूवार को करम डाल का विसर्जन किया जाएगा.
मौके पर बान टोला के मुखिया लालू कुजूर पाहन पुजारी फागु खलखो, मंगरू टोप्पो, चमरू लकड़ा, शम्भू टोप्पो, सीताराम मुंडा, राजेन्द्र कच्छप, जगरनाथ लकड़ा, खुदिया कुजूर,बंधन खलखो,जगरनाथ टोप्पो,कर्मा कुजूर,राजकमल लकड़ा, गणेश कच्छप, इंद्रोदय कच्छप,सुनील खलखो,कृष्णा मुंडा, नितेश लकड़ा, दीपक टोप्पो, रवि तिर्की,बिरसा लकड़ा,नवीन कच्छप,संगम तिर्की आदि योगदान दे रहे हैं.
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