आधा भारत नहीं जानता ट्रेन की पटरियों के नीचे क्यों बिछाई जाती है गिट्टियां, जानकार हो जाएंगे हैरान

आधा भारत नहीं जानता ट्रेन की पटरियों के नीचे क्यों बिछाई जाती है गिट्टियां, जानकार हो जाएंगे हैरान

आधा भारत नहीं जानता ट्रेन की पटरियों के नीचे क्यों बिछाई जाती है गिट्टियां जानकार हो जाएंगे हैरान

न्यूज11 भारत

रांची/डेस्क: भारत रेल के मामले में विश्व का चौथा सबसे बड़ा नेटवर्क है. भारत को सबसे अधिक कमाई जहां एक तरफ माल वाहक रेल गाड़ी से होती है. वहीं दूसरी तरफ भारत की आधे से अधिक जनता पब्लिक ट्रेन का रोजाना प्रयोग करके अपने दफ्तर, स्कूल, और घुने के लिए एक जगह से दूसरे जगह जाते हैं. आप सभी ने यह देखा होगा कि तरीन की पटरी के नीचे गिट्टियां बिछाई हुई होती है. क्या आप जानते हैं यह गिट्टियां पटरी के नीचे क्यों बिछाई जाती है? अगर आप नहीं जानते हैं तो आज हम आपको इसके बारे में बताते हैं कि ये गिट्टियां पटरियों के नीचे क्यों बिछाई जाती है और इसके पीछे की क्या वजह है. तो चलिए जानते हैं इसके बारे में...

इस वजह से बिछाए जाते हैं पत्थर

रेल की पटरियों के नीचे ऐसी वैसी नहीं बल्कि खास तरीके की गिट्टियों को बिछाई जाती है. यह गिट्टी बड़े और छोटे साइज की होती है. खास बात तो यह है कि बड़े और छोटे होने के साथ साथ यह नुकीले भी होते हैं. ताकि यह एक जगह पर कंपन के समय टिके रहें. अब आपके मन में एक सवाल जरूर आ रहा होगा कि नुकीले पत्थर के जगह सरकार उस जगह पर गोल पत्थर का प्रयोग क्यों नहीं करती है. तो इसके पीछे की वजह यह है कि यदि नुकीले पत्थर की जगह इस जगह पर गोल पत्थर का प्रयोग किया जाए तो, वह रेल के गुजरने के समय होने वाले कंपन को रोक नहीं पाएंगे और आपस में टकराकर पठारी से दूर चले जाएंगे. जिससे रेल की पटरी अपनी जगह से घसक जाएगी और रेल दुर्घटनाग्रस्त हो सकती है. ट्रेन का वजन करीब 10 लाख किलो तक होता है. इस वजन को केवल पटरी नहीं संभाल सकती. ट्रेन के वजन को संभालने के लिए लोहे की पटरियों के साथ ही कंक्रीट के बने स्लीपर और गिट्टी मदद करती हैं. सबसे अधिक वजन इस गिट्टी पर ही होता है.

कंपन से ट्रेन को करते हैं सुरक्षित

जैसा की हम सभी जानते हैं कि ट्रेन अपनी पाठरियों पर काफी तेजी से दौड़ती है. इस तेजी के वजह से पटरियों पर कंपन पैदा होता है. इस कंपन के कारण पटरियों अपनी जगह से हट सकती है और घटना घट सकती है. इस कंपन को कम करने करने के लिए ट्रेन की पटरी के नीचे इस गिट्टी को बिछाई जाती है. पटरी पर बिछे पत्थर कंक्रीट के बने स्लीपर को एक जगह स्थिर रहने में मदद करते हैं. यह गिट्टी नहीं होगी तो कंक्रीट से बने स्लीपर मजबूती से अपनी जगह पर बने नहीं रह पाएंगे.

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