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रांची/डेस्क: वर्ल्ड इनइक्वलिटी रिपोर्ट 2026 ने देश की बड़ी कड़वी सच्चाई को उजागर किया है. यह रिपोर्ट देश में अमीरों और गरीबों के बीच की गहरी होती खाई का सच उजागर कर रही ही. अमीरी गरीबी की असमानता दूसरे देशों की तुलना में ज्यादा तो है ही आलम यह है कि देश के दो तिहाई से अधिक की सम्पत्ति देश के 10 प्रतिशत अमीरों के पास. इतना ही नहीं देश की 40 प्रतिशत सम्पत्ति तो सिर्फ 1 प्रतिशत रईसों के पास है.
आंकड़ों के हिसाब से देखें तो 10 प्रतिशत लोगों के पास देश की करीब कुल वार्षिक राष्ट्रीय आय का 58 प्रतिशत हिस्सा जा रहा है. कुल दौलत का लगभग 65 फीसदी हिस्सा यानी 2 तिहाई से ज्यादा हिस्सा इन्हीं 10 फीसदी लोगों के पास है. इस आंकड़े को उलट दिया जाये तो निचले पायदान पर खड़े 50 प्रतिशत लोगों के हाथ में सिर्फ 6.4 प्रतिशत दौलत है.
वर्ल्ड इनइक्वलिटी रिपोर्ट 2026 के मुताबिक, देश की आबादी का शीर्ष 1 प्रतिशत राष्ट्रीय आय का 22.6 प्रतिशत कमाता है. यहां यह बता दें कि 1922 यानी ब्रिटिश औपनिवेशिक सरकार के समय से इस तरह के आंकड़े रखे जा रहे हैं और तब से लेकर अब तक की यह आर्थिक असमानता सर्वाधिक है. क्या यह यह असमानता देश की कड़वी सच्चाई सामने नहीं रखती है कि सबसे अमीर 1 प्रतिशत लोगों के पास देश की कुल संपत्ति का 40.1 प्रतिशत हिस्सा है?
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