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रांची/डेस्क: देश की प्रमुख एयरलाइंस कंपनियों ने पायलटों की भर्ती को लेकर रफ्तार बढ़ा दी हैं. बढ़ते एयरक्राफ्ट बेड़े और फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के नए नियमों के चलते इंडिगो, एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और अकासा जैसी एयरलाइंस अब बड़े स्तर पर पायलट हायरिंग की तैयारी में हैं. इंडिगो ने तो हर महीने 100 पायलट भर्ती करने का आंतरिक लक्ष्य तय कर लिया हैं.
FDTL नियम बने भर्ती की बड़ी वजह
DGCA द्वारा लागू किए गए FDTL के नए नियमों के बाद एयरलाइंस पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया हैं. इन नियमों के तहत पायलटों की ड्यूटी, आराम और उड़ान घंटों को लेकर सख्त प्रावधान किए गए हैं. ऐसे में मौजूदा पायलट संख्या कई एयरलाइंस के लिए नाकाफी साबित हो रही हैं. दिसंबर की शुरुआत में इंडिगो के रोस्टर संकट ने इस कमी को उजागर कर दिया था.
रेगुलेटर DGCA ने इंडिगो को FDTL नियमों को पूरी तरह लागू करने के लिए 10 फरवरी 2026 तक की छूट दी हैं. इसके बावजूद इंडिगो किसी भी जोखिम में नहीं रहना चाहता. सूत्रों के मुताबिक कंपनी आने वाले समय में करीब 1000 नए पायलटों की भर्ती करने की योजना पर काम कर रही है, ताकि भविष्य में फ्लाइट कैंसिलेशन और ग्राउंडेड एयरक्राफ्ट जैसी स्थिति न बने.
500 नए एयरक्राफ्ट के ऑर्डर की तैयारी
इंडिगो पहले ही 500 नए विमानों का बड़ा ऑर्डर दे चुका हैं. इन विमानों के परिचालन के लिए समय रहते प्रशिक्षित पायलटों की उपलब्धता सुनिश्चित करना कंपनी की प्राथमिकता हैं. इसी रणनीति के तहत हर महीने कम से कम 100 पायलटों की भर्ती का प्लान तैयार किया गया हैं. एयर इंडिया ने भी अपनी भर्ती प्रक्रिया तेज कर दी हैं. कंपनी 30 वर्ष तक की उम्र वाले युवा ट्रेनी पायलटों को मौका दे रही है, ताकि भविष्य की जरूरतों को पहले से पूरा किया जा सके. एयर इंडिया एक्सप्रेस और अकासा भी अपने-अपने विस्तार प्लान के अनुसार पायलटों की संख्या बढ़ा रही हैं.
DGCA की सख्ती बढ़ी
अब DGCA भी पहले से ज्यादा सतर्क हो गया हैं. सभी एयरलाइंस से उनके एयरक्राफ्ट, दैनिक उड़ानों और पायलट क्रू का विस्तृत रिकॉर्ड मांगा जा रहा हैं. मकसद साफ है यह सुनिश्चित करना कि नए FDTL नियमों के मुताबिक हर एयरलाइन के पास पर्याप्त पायलट उपलब्ध हों. सूत्रों के अनुसार, अगर कहीं पायलटों की कमी सामने आती है और समय रहते उसे पूरा नहीं किया गया, तो DGCA एयरलाइंस को फ्लाइट कटौती के लिए कह सकता हैं. इसका उद्देश्य यात्रियों को अनावश्यक कैंसिलेशन और लंबी देरी से बचाना हैं.
418 एयरक्राफ्ट के साथ देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो दिसंबर में हुई आलोचना के बाद अपनी साख सुधारने में जुटी हैं. कंपनी न तो जरूरत से ज्यादा पायलट रखना चाहती है और न ही पायलटों की कमी के कारण विमानों को ग्राउंड करना. इसी संतुलन के तहत चरणबद्ध भर्ती की रणनीति अपनाई जा रही हैं.
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