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रांची/डेस्क: सोमवार को देश एक और बड़े हादसे से दो चार हुआ. लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत हो गई. इस भीषण हादसे के बाद हादसे से जुड़ी कुछ सच्चाइयां भी सामने आ रही हैं.शुरुआती जांच बता रही है कि कोचिंग सेंटर का मुख्य प्रवेश द्वार थंब इम्प्रेशन (बायोमेट्रिक) सिस्टम से संचालित होता था. जब आग लगी तो यह सिस्टम खुद ब खुद लॉक हो गया जिसकी वजह से अंदर मौजूद छात्र और कर्मचारी बाहर नहीं निकल पाए और बड़ी त्रासदी हो गयी. अचानक फैले धुएं और आग से लोगों के बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया, जिससे हालत बेकाबू हो गई और इसमें फंस कर 15 लोग काल कवलित हो गए. खबर यह भी है कि इस बहुमंजिला इमारत में आपातकालीन निकास की भी कोई व्यवस्था नहीं थी. अगर वैकल्पिक निकास मार्ग होता तो हादसा इतना बड़ा रूप नहीं ले पाता.
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि किसी बिल्डिंग में ऑटोमैटिक सिस्टम के कारण कोई बड़ा हादसा हुआ है. इससे पहले भी आधुनिक सिस्टम के कारण भी बड़े हादसे हो चुके हैं.
- अभी कुछ समय पहले दिल्ली के मालवीय नगर के होटल में जो आग लगी थी, उसमें भी ऐसी ही व्यवस्था के कारण बड़ा हादसा हो गया था. मालवीय नगर होटल का मुख्य द्वारा विद्युत संचालित था. जब होटल में आग लगी तब विद्युत व्यवस्था ठप हो गयी जिससे गेट भी अपने आप बंद हो गया और लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया. यह एक बड़ी त्रासदी थी जिसमें 11 विदेशियों समेत 21 लोगों की जान चली गई थी.
- 2019 में ट्रक ड्राइवर सुधीर पानी पीने जा रहा था. नोएडा यूफ्लेक्स कंपनी के इलेक्ट्रॉनिक गेट नंबर 5 में फंसकर मौत हो गई. क्योंकि गेट अचानक बंद हो गया और ड्राइवर दब गया.
- 2025 में कानपुर देहात फैक्ट्री, रनिया की फ्लेक्सी सील्ड पॉलिपास्ट कंपनी में मेन गेट गिरने से सिक्योरिटी गार्ड रामऔतार की मौके पर मौत. वह सुबह 9 बजे ड्यूटी पर आए थे, तभी गेट गिर गया.
- 2026 में लटेरी, MP - इलेक्ट्रिक कार + ऑटोमैटिक मोड, नगर परिषद के सामने खड़ी इलेक्ट्रिक कार का ड्राइवर जैसे ही गेट खोलकर बैठा, ऑटोमैटिक मोड पर कार रॉकेट की तरह आगे बढ़ी. पास की दुकान में बैठे 3 लोग कुचल गए
- मुंब्रा स्टेशन पर चलती ट्रेन से गिरकर 4 की मौत के बाद रेलवे ने फैसला लिया: सभी कोच में ऑटोमैटिक गेट लगाएंगे जो चलती ट्रेन में बंद रहेंगे. यानी सही तरीके से लगें तो ऑटोमैटिक गेट जान बचा भी सकते हैं.
ऑटोमैटिक गेट सुविधा है, पर बिना सेफ्टी फीचर के वह जानलेवा मशीन बन जाता है. फैक्ट्री, सोसाइटी, घर - सब जगह मेंटेनेंस और सेंसर जरूरी हैं. पहले भी हादसे हो चुके, अब लापरवाही भारी पड़ रही है.
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