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रांची/डेस्क: रेलवे सुरक्षा बल, पोस्ट रांची द्वारा ऑपरेशन "रक्षक" के तहत प्राप्त विश्वसनीय गुप्त सूचना के आधार पर रांची रेलवे स्टेशन पर विशेष जांच एवं निगरानी अभियान चलाया गया. सूचना थी कि कुछ व्यक्ति रेलवे अधिकारी/टीटीई बनकर यात्रियों को कन्फर्म रेल टिकट दिलाने का झांसा देकर उनसे ठगी कर रहे हैं. पीसी/रांची के पर्यवेक्षण में सुबह चलाए गए अभियान के दौरान रांची रेलवे स्टेशन स्थित यूटीएस बुकिंग कार्यालय के पास दो संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा गया. पूछताछ में उनकी पहचान महेश साहनी एवं चंदन कुमार के रूप में हुई. पीड़ित उमर साद खान ने बताया कि दोनों आरोपियों ने कन्फर्म रेल टिकट दिलाने का झूठा आश्वासन देकर उससे ₹2,000/- की ठगी की तथा टिकट उपलब्ध कराए बिना वहां से भागने का प्रयास कर रहे थे. दोनों आरोपियों की तलाशी के दौरान ठगी की ₹2,000/- नकद राशि तथा कई मोबाइल फोन बरामद किए गए.
लगातार पूछताछ में आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के बारे में जानकारी दी, जिसके आधार पर रेलवे स्टेशन परिसर से सीतल राय एवं संतोष साहनी को भी गिरफ्तार किया गया. पूरे अभियान के दौरान कुल 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा उनके कब्जे से 07 मोबाइल फोन, जिनमें 02 संदिग्ध चोरी के मोबाइल फोन भी शामिल हैं, बरामद किए गए. पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने एक गिरोह बनाकर रेलवे अधिकारी/टीटीई का रूप धारण कर यात्रियों को कन्फर्म टिकट दिलाने का झांसा देकर उनसे धन की ठगी की तथा चोरी के मोबाइल फोन अपने पास रखे हुए थे. मामले में प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी, प्रतिरूपण (Personation), आपराधिक षड्यंत्र एवं संदिग्ध चोरी की संपत्ति रखने से संबंधित संज्ञेय अपराध पाए जाने पर चारों आरोपियों, बरामद संपत्ति, जब्ती सूची एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों को अग्रिम विधिक कार्रवाई हेतु जीआरपी/रांची को सुपुर्द किया गया. इस संबंध में GRP/रांची द्वारा कांड दिनांक 25.07.2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2), 317(2), 318(4) एवं 3(5) में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
इस सफल अभियान में शामिल अधिकारी एवं स्टाफ: आईपीएफ शिशुपाल कुमार, एसआई बसंत मलिक, एसआई पवन कुमार, एसआई कमल दास, एएसआई शक्ति सिंह, स्टाफ- मुन्तज़िर अंसारी, अफरोज आलम एवं राजू गुरूंग.
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