न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
सुपौल - सुपौल जिले के छातापुर प्रखंड स्थित लक्ष्मीनियां पंचायत के बरमोतरा वार्ड-01 में संचालित मदरसा हासिमिया में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि मदरसा के सचिव और हेडमास्टर के फर्जी हस्ताक्षर कर रिटायर शिक्षकों के नाम पर करीब एक करोड़ रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। चौंकाने वाली बात यह है कि जिन शिक्षकों के नाम पर राशि निकाली गई, उनमें से कुछ की वर्षों पहले ही मृत्यु हो चुकी है।
इस पूरे मामले में मदरसा के पूर्व प्रधानाध्यापक सह वर्तमान सहायक शिक्षक मो. नाजिम अली पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। जानकारी के अनुसार, यह मामला तब उजागर हुआ जब वर्तमान हेडमास्टर मो. अरशद और नाजिम अली के बीच फर्जीवाड़े को लेकर विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर मामला मदरसा के सचिव मो. कासिम तक पहुंचा, लेकिन आपसी सहमति नहीं बनने पर शिकायत प्रशासन तक पहुंच गई।
फर्जी साइन-फर्जी एरियर, करोड़ों की निकासी—सुपौल मदरसा में बड़ा घोटाला उजागर
Highlights:
- फर्जी हस्ताक्षर से एरियर के नाम पर लाखों-करोड़ों की निकासी
- मृत शिक्षक के नाम पर भी पैसे निकाले जाने का आरोप
- जनसुनवाई के बाद जांच टीम मौके पर पहुंची
- डीएम ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का दिया भरोसा
जनसुनवाई के बाद जांच के आदेश
बीते 6 अप्रैल को सचिव मो. कासिम ने कलेक्ट्रेट में आयोजित प्रमंडलीय आयुक्त की जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए वरीय अधिकारियों ने तत्काल जांच का आदेश दिया। इसके बाद डीपीओ स्थापना आलोक शेखर और बीईओ सह बीपीआरओ छातापुर देश कुमार की टीम जांच के लिए मदरसा पहुंची और दोनों पक्षों से पूछताछ की।
हस्ताक्षर मिलान में सामने आई गड़बड़ी
जांच के दौरान दस्तावेजों और हस्ताक्षरों का मिलान किया गया, लेकिन सचिव मो. कासिम का दावा है कि हस्ताक्षरों में स्पष्ट अंतर पाया गया है। इससे फर्जीवाड़े की आशंका और गहरा गई है। हालांकि, विभागीय स्तर पर जांच अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
मृत शिक्षक के नाम पर भी निकासी
सचिव के अनुसार, मदरसा की स्थापना वर्ष 1977-78 में हुई थी और उस समय पांच शिक्षक कार्यरत थे। आरोप है कि लंबित एरियर भुगतान के नाम पर प्रत्येक शिक्षक के खाते से 15 से 20 लाख रुपये तक की निकासी की गई। कुल मिलाकर यह राशि 50 लाख से अधिक बताई जा रही है। इनमें से एक शिक्षक की करीब सात वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है, फिर भी उनके नाम पर राशि निकाली गई, जो गंभीर सवाल खड़े करता है।
अन्य योजनाओं में भी अनियमितता का आरोप
सचिव ने यह भी आरोप लगाया है कि मो. नाजिम अली मध्याह्न भोजन योजना के संचालन में भी गड़बड़ी कर रहे हैं। वर्तमान में मदरसा में केवल दो शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि बाकी सभी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ऐसे में एरियर भुगतान और उसकी निकासी पर सवाल उठना लाजिमी है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
प्रभारी बीईओ सह बीपीआरओ देश कुमार ने बताया कि फर्जी हस्ताक्षर का मामला सामने आया है और पुराने अभिलेखों के आधार पर जांच की जा रही है। वहीं, डीपीओ स्थापना आलोक शेखर ने कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायत के आधार पर कार्रवाई हो रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।
डीएम का सख्त संदेश
जिलाधिकारी सावन कुमार ने स्पष्ट कहा है कि शिकायत के आधार पर जांच टीम भेजी गई है और रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए
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