अभिषेक राज/न्यूज11 भारत
गया/डेस्क: जिले में भू-माफियाओं और साइबर ठगों ने ठगी का एक नया और बेहद खतरनाक तरीका अपनाया है. इस बार ठगों ने सीधे जिलाधिकारी (डीएम) की पहचान का दुरुपयोग कर जमीन मालिकों को डराने और दबाव बनाने की कोशिश की. मामला तब सामने आया जब पूर्व जिला पार्षद इदरीश खान को डीएम बनकर कॉल किया गया. बातचीत का ऑडियो अब सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों में तेजी से वायरल हो रहा है.
यह घटना चंदौती थाना क्षेत्र के अलीगंज रोड नंबर-1 की है. यहां रहने वाले पूर्व जिला पार्षद इदरीश खान के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले ने उनके पुत्र नियाजी द्वारा खरीदी गई जमीन का हवाला देते हुए बातचीत शुरू की. कुछ ही देर बाद कॉलर ने कहा—“डीएम साहब बात करेंगे” और एक अन्य व्यक्ति को लाइन पर जोड़ दिया, जिसने खुद को डीएम बताकर रौब झाड़ना शुरू कर दिया.
डीएम के नाम पर जमीन संबंधी कार्रवाई, जांच और कानूनी शिकंजे की धमकी दी गई. हालांकि बातचीत के दौरान भाषा, लहजे और व्यवहार में असामान्यता देख इदरीश खान को शक हो गया. उन्होंने किसी भी तरह की जानकारी देने या लेन-देन से साफ इनकार कर दिया और तुरंत प्रशासन को सूचना दी. उनकी सजगता से एक बड़ी ठगी की कोशिश नाकाम हो गई.
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने अपने मातहतों के माध्यम से एसएसपी सुशील कुमार को जानकारी दी. एसएसपी के निर्देश पर सिविल लाइंस थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. सूत्रों के मुताबिक, डीएम बनकर बात करने वाले आरोपी को पुलिस ने बांकेबाजार से गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस ने मामले में साइबर सेल को भी जांच में लगाया है. कॉल करने वाले मोबाइल नंबर को ट्रेस किया जा रहा है. प्रारंभिक जांच में यह नंबर ट्रूकॉलर पर “नासिर खान” के नाम से दिख रहा है, हालांकि पुलिस नाम और नंबर—दोनों की सत्यता की गहन जांच कर रही है. पूरे प्रकरण को संगठित साइबर ठगी और भू-माफिया नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है.
गौरतलब है कि वायरल ऑडियो 28 जनवरी का बताया जा रहा है. उसी दिन गया में डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा भूमि संवाद कार्यक्रम में फरियादियों की शिकायतें सुन रहे थे, जबकि दूसरी ओर डीएम के नाम पर जमीन मालिकों को डराने का खेल भी चल रहा था.
पूर्व जिला पार्षद इदरीश खान ने कहा कि ऐसे फर्जी कॉल से आम लोग आसानी से डर सकते हैं. उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, धमकी या दबाव की स्थिति में तुरंत प्रशासन और पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके.
यह भी पढ़ें: बाईपास थाना क्षेत्र में मजदूर की संदिग्ध हालत में मौत, मायागंज में इलाज के दौरान तोड़ा दम