न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
इन्द्रदेव / सहरसा : सहरसा जिला के सोनवर्षा राज थाना क्षेत्र के काशनगर मुख्य बाजार स्थित एक निजी आवासीय विद्यालय के हॉस्टल से तीन छात्र रहस्यमयी तरीके से लापता हो गए हैं। घटना के 72 घंटे बीत जाने के बावजूद बच्चों का कोई पता नहीं चल सका है। मामले को लेकर परिजनों में चिंता और विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
4 जून से लापता हैं छात्र
जानकारी के अनुसार, बीते 4 जून की अहले सुबह विद्यालय के हॉस्टल से 12 से 14 वर्ष आयु के तीन छात्र अचानक गायब हो गए। लापता छात्रों में फतेहपुर निवासी विजय यादव का पुत्र आदित्य कुमार, मंगनवा निवासी राकेश मुखिया का पुत्र शिवम कुमार तथा बसनही थाना क्षेत्र के मंगवार गांव निवासी उमेश मंडल का पुत्र नीरज कुमार शामिल हैं। तीनों छात्र काशनगर बाजार स्थित कैरियर मेकर आवासीय विद्यालय में पिछले तीन वर्षों से अध्ययनरत थे।
सीसीटीवी में जाते दिखे छात्र
घटना की सूचना मिलने के बाद विद्यालय प्रबंधन और परिजनों ने अपने स्तर से बच्चों की तलाश शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में बाजार क्षेत्र के कुछ दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर तीनों छात्र एक साथ जाते हुए दिखाई दिए। मामले की जांच में जुटी काशनगर थाना पुलिस ने शनिवार को सिमरी बख्तियारपुर और सहरसा रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच शुरू की। वहीं इंस्पेक्टर राजीव कुमार झा ने विद्यालय पहुंचकर आवश्यक पूछताछ और छानबीन की।
विद्यालय प्रबंधन की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना के बाद विद्यालय प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि विद्यालय में रात्रि प्रहरी के नाम पर एक शिक्षक दंपत्ति को रखा गया है, जो पढ़ाने के साथ-साथ सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तीन बच्चों के एक-एक कर दीवार फांदकर बाहर निकलने में समय लगा होगा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुलती है। विद्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे का अभाव भी बच्चों की सुरक्षा के प्रति गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
इधर, विद्यालय के निदेशक विजय भगत ने दावा किया कि घटना के समय रात्रि प्रहरी सो रहा था, जबकि काशनगर थाना के एसएचओ बजरंगी कुमार ने स्पष्ट कहा कि विद्यालय में कोई रात्रि प्रहरी तैनात ही नहीं था। पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और बच्चों की तलाश जारी है। परिजनों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बच्चों को सुरक्षित बरामद करने की मांग की है।