इन्द्रदेव/न्यूज11 भारत
सहरसा/डेस्क: सहरसा में कोविड-19 महामारी के दौरान जीवनदायी साबित हुआ सदर अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट लंबे समय से बंद पड़ा है, जिसे चालू कराने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है. इसी क्रम में कोशी युवा संगठन ने सिविल सर्जन को आवेदन देकर प्लांट को तत्काल पुनः संचालित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है.
संगठन ने अपने पत्र में याद दिलाया कि कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी से जहां पूरे देश में मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा था, वहीं सहरसा का यह प्लांट स्थानीय मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित हुआ था. वर्तमान में प्लांट बंद होने के कारण अस्पताल प्रशासन को बाहर से सिलिंडर मंगाने पड़ रहे हैं. इससे न सिर्फ समय की बर्बादी होती है, बल्कि आपात स्थितियों में मरीजों की जान पर भी खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा बाहरी सप्लाई पर निर्भरता बढ़ने से बीच के विचौलियों की कमाई भी बढ़ रही है, जो व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है.
संगठन ने कहा कि जब प्लांट की मशीनें और उपकरण पूरी तरह उपलब्ध और क्रियाशील स्थिति में हैं, तब उसका बंद रहना समझ से परे है. यदि प्लांट फिर से शुरू होता है तो केवल सहरसा ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को भी समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा सकेगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा.
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