अफरोज आलम/न्यूज़11 भारत
बिहार/डेस्क: समस्तीपुर में दो डिसमिल जमीन का विवाद उस वक्त काफी गंभीर हो गया जब जमीन को लेकर एक व्यक्ति ने आत्मदाह का प्रयास किया. हालांकि पुलिस की तत्परता से ऐसा करने से उसे रोक दिया गया. मामला जिला के मोहिउद्दीनगर थाना एक तेतारपुर पंचायत के नारायणपुर गांव का बताया गया है. घटना को लेकर पीड़ित अजय राय ने बताया कि खाता नंबर 132 खेसरा नंबर 386 की जमीन उनके पूर्वज रामवृक्ष महतो के नाम जमाबंदी दर्ज है. उक्त जमीन को प्रताप सिंहा के द्वारा गलत तरीके से बालेश्वर साहनी को बेच दिया गया और फिर गलत तरीके से उक्त भूमि का दाखिल खारिज भी कर दिया गया. पीड़ित अजय राय ने मोहिउद्दीनगर के अंचलाधिकारी पर गलत तरीके से दाखिल खारिज का आरोप लगाते हुए कई गंभीर आरोप भी लगाया है.
उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वो जिलाधिकारी से लेकर उप मुख्यमंत्री तक को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई लेकिन कहीं से भी उन्हें न्याय नहीं मिला तत्पश्चात उन्होंने आत्मदाह करने का फैसला लिया. दूसरी ओर मोहिउद्दीनगर के अंचलाधिकारी ब्रजेश कुमार द्विवेदी ने अपने ऊपर लगाए गए तमाम आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बताया है. उन्होंने बताया कि नियमानुसार जांच की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही दाखिल खारिज की गई है. उन्होंने बताया कि उक्त दो डिसमिल जमीन को प्रताप सिंह के द्वारा बालेश्वर साहनी को रजिस्ट्री की गई थी, जिसका दाखिल खारिज का आवेदन दिया गया. उन्होंने बताया कि नियमानुसार जांच की प्रक्रिया के बाद दाखिल खारिज की गई है. अगर अजय राय इससे संतुष्ट नहीं है तो वो वरीय अधिकारी के यहां अपील कर सकते है.
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