न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क: बिहार के लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। राज्य के पहले एक्सप्रेस-वे यानी पटना-पूर्णिया (NE-9) के बनने का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है। केंद्र सरकार ने इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए पैसों की मंजूरी दे दी है। यह सड़क न केवल सफर को आसान बनाएगी, बल्कि बिहार की तरक्की की रफ्तार को भी कई गुना बढ़ा देगी।
क्यों खास है यह एक्सप्रेस-वे?
यह एक्सप्रेस-वे बिहार के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा। अभी पटना से पूर्णिया जाने में जो लंबा समय लगता है, वह घटकर सिर्फ 3 घंटे रह जाएगा। गाड़ियां इस सड़क पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। 32,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह एक्सप्रेस-वे हाजीपुर (मीरनगर) से शुरू होकर पूर्णिया के हंसदाह तक जाएगा।
भविष्य के लिए बड़ी तैयारी
सरकार इस सड़क को अभी चार लेन का बना रही है, लेकिन इसकी योजना छह लेन वाली बनाई गई है। इसके लिए जमीन भी छह लेन के हिसाब से ही ली जा रही है। इसका फायदा यह होगा कि अगर भविष्य में गाड़ियों की संख्या बढ़ती है, तो सड़क को चौड़ा करने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। इसका निर्माण 'हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल' (HAM) के तहत होगा, जिसमें सरकार और कंपनी मिलकर निवेश करेंगे।
कोसी पर बनेगा सबसे लंबा पुल
इस एक्सप्रेस-वे का सबसे मुख्य हिस्सा कोसी नदी पर बनने वाला 7 किलोमीटर लंबा छह लेन का पुल होगा। यह पुल सिमरी बख्तियारपुर और कुशेश्वरस्थान को आपस में जोड़ देगा। इसके अलावा, पूरे रास्ते में 21 बड़े पुल और 11 रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाएंगे ताकि आपको कहीं भी जाम का सामना न करना पड़े।
किन जिलों को होगा फायदा?
यह एक्सप्रेस-वे कुल 8 जिलों से होकर गुजरेगा, जिनमें वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया जैसे जिले शामिल हैं। सुविधा के लिए समस्तीपुर, मधेपुरा और सहरसा जैसे बड़े शहरों को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए अलग से लिंक रोड भी बनाई जाएगी।
यह रास्ता सिर्फ पटना-पूर्णिया को नहीं जोड़ेगा, बल्कि पश्चिम बंगाल और असम जाने वाले यात्रियों और ट्रकों के लिए भी यह सबसे छोटा और आसान रास्ता बन जाएगा। इससे सीमांचल के इलाकों में व्यापार बढ़ेगा और लोगों को रोजगार के नए मौके मिलेंगे। कुल मिलाकर, यह प्रोजेक्ट बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर में एक नई जान फूंक देगा।
Also Read: सोनपुर में बाबा हरिहरनाथ मंदिर पहुंचे निशांत कुमार, बिहारवासियों की सुख-समृद्धि की कामना