हर्ष कुमार/न्यूज11 भारत
नालंदा/डेस्क: राजगीर थाना क्षेत्र के दिगंबर जैन धर्मशाला में चार लोगों की सामूहिक आत्महत्या के मामले में फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है. पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर फंदे से लटके चारों शवों को बाहर निकाला.अब सवाल यह उठता है कि इस घटना का जिम्मेदार कौन है दिगंबर जैन धर्मशाला के कर्मी या स्थानीय पुलिस प्रशासन? नियम के अनुसार होटल या धर्मशाला में बाहर से ठहरने वाले पर्यटकों की प्रतिदिन जांच होनी चाहिए. यदि समय पर यह प्रक्रिया अपनाई गई होती, तो शायद चार लोगों की जान बचाई जा सकती थी. इस घटना की निंदा राजगीर के स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने की है और उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई है. मामला अब भी रहस्य बना हुआ है कि यह सामूहिक आत्महत्या है या सामूहिक हत्या, क्योंकि मृतकों के मुंह पर टेप लगा हुआ था और हाथ बंधे हुए पाए गए हैं.पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने बताया कि मृतक बेंगलुरु के नागा संदरा क्षेत्र के मूल निवासी हैं. घटनास्थल से भारी मात्रा में सामान और नगद राशि नींद की गोलियां आधार कार्ड पैन कार्ड बरामद किया गया है. जिससे प्रतीत होता है कि सभी लोग घर छोड़कर राजगीर आए थे. मृतकों में एक वृद्ध महिला, एक पुरुष और दो अन्य महिलाएं शामिल हैं.फिलहाल बेंगलुरु पुलिस से संपर्क कर मृतकों की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है. प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी.
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