न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया है। अहियापुर थाना क्षेत्र के बाजार समिति इलाके में एक कलयुगी मां ने चंद पैसों की खातिर अपनी ही नाबालिग बेटी की बलि चढ़ाने की साजिश रची। जब बेटी ने इसका विरोध किया, तो मां ने उसे चलती ई-रिक्शा से सड़क पर धक्का दे दिया।
पैसों का सौदा और मासूम का विरोध
आरोप है कि पीड़िता की मां ने अपनी बेटी को एक ऑर्केस्ट्रा संचालक को सौंपने का सौदा किया था। बुधवार दोपहर, जब मां बच्ची को जबरन उस ठिकाने की ओर ले जा रही थी, तो बच्ची को अपनी नियति का आभास हो गया। उसने अपनी मां से गिड़गिड़ाते हुए इनकार किया, लेकिन लोभ में अंधी मां का दिल नहीं पसीजा। उसने बच्ची को जबरदस्ती ई-रिक्शा में बैठा लिया।
ऑटो से फेंका, चीखती रही बच्ची
सफर के दौरान बच्ची लगातार विरोध करती रही और वहां जाने से मना करती रही। अपनी ही बेटी के इस इनकार से बौखलाई मां ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। उसने चलती गाड़ी से मासूम को सड़क पर धक्का दे दिया। तेज रफ्तार से सड़क पर गिरने के कारण बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। दर्द से कराहते हुए वह आसपास के लोगों से अपनी व्यथा सुनाती रही कि उसकी मां उसे बेचने जा रही थी।
लोगों ने पकड़ी मां, पुलिस ने लिया हिरासत में
सरेआम हुई इस घटना ने वहां मौजूद लोगों को स्तब्ध कर दिया। भीड़ ने तुरंत तत्परता दिखाई और भागने की कोशिश कर रही आरोपी महिला को दबोच लिया। सूचना मिलते ही अहियापुर पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है।
ऑर्केस्ट्रा संचालक की भूमिका संदेह के घेरे में
पुलिस अब इस पूरे मामले को एक बड़े गिरोह से जोड़कर देख रही है। मामले की जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि सिर्फ मां ही नहीं, बल्कि वह ऑर्केस्ट्रा संचालक भी मुख्य संदिग्ध है, जिसके लिए यह सौदा किया गया था। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि इस काली दुनिया के पीछे और कितने चेहरे छिपे हैं।