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अररिया/डेस्क: भारतीय पटसन निगम लिमिटेड वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत भारत सरकार की संस्था के स्थानीय जेसीआई कार्यालय ने सभा भवन में इंटर एक्टिव कार्यक्रम का आयोजन किया. कार्यक्रम में न केवल फारबिसगंज व अररिया जिला के बल्कि कोशी, सीमांचल व मिथिलांचल क्षेत्र में पाट उत्पादक सैकड़ों किसानों ने भाग लिया.
कार्यक्रम में मुख्य व विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए भारतीय पटसन निगम लिमिटेड के आंचलिक प्रबंधक (एनबी) देव ज्योति घोष किसानों को संबोधित करते राष्ट्रीय जूट बोर्ड के अधिकारी. प्रबंधक (ओ/एम) पार्थिव पार्थव सारथी राउवे, राष्ट्रीय जुट बोर्ड के डॉ निलेंदु शेखर भौमिक, क्षेत्रीय प्रबंधक, फारबिसगंज (आरएलडी) रंजन मुर्मू ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभकिया. मुख्य व विशिष्ट अतिथियों ने कार्यक्रम में मौजूद पाट का खेती करने वाले किसानों को जूट की खेती कैसे बेहतर तरीके से की जाये. इसको लेकर महत्वपूर्ण टिप्स दिये.
बताया गया कि जूट आई केयर परियोजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत पाट उत्पादकों को कटाई से पहले और बाद में पर्याप्त संचालन प्रदान कर के सहायता प्रदान करना है ताकि पाट उत्पादक अच्छी गुणवत्ता वाला पाट उगा सकें. अपनी उपज का अधिकतम मूल्य प्राप्त कर सके. जबकि प्रखंड पर्यवेक्षक अजित कुमार मंडल व कुमार केतन ने मौजूद जुट उत्पादन करने वाले किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कोशी सीमांचल व मिथिलांचल के लगभग डेढ़ लाख किसानों को जोड़ा गया है. विगत वर्ष जुट का खेती करने वाले किसानों के बीच न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लगभग 96 मैट्रिक टन जुट का बीज का वितरण किया गया.
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