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बिहार/डेस्क: सुपौल में देर रात भीषण अगलगी की घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. यह घटना सुपौल सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत कोसी पूर्वी तटबंध के स्पर संख्या 57.20 चौक के समीप घटी, जहां अचानक लगी आग ने देखते ही देखते एक दर्जन से अधिक दुकानों और आवासीय घरों को अपनी चपेट में ले लिया. आग की लपटें इतनी तेज थी कि स्थानीय लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही कई दुकानें और घर जलकर खाक हो गए.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 57.20 चौक पर देर रात अचानक आग भड़क उठी. आग तेजी से फैलती चली गई और आसपास स्थित दुकानों व घरों में रखे सामान को निगलती चली गई. दुकानों में रखा किराना, कपड़ा, फर्नीचर, नकदी सहित अन्य कीमती सामान जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया. आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग बाल्टी, मोटर पंप और अन्य संसाधनों से आग बुझाने में जुट गए, लेकिन आग की तीव्रता के सामने उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए. स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए है.
लोगों का आरोप है कि सुपौल जिला मुख्यालय से महज ढाई से तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस स्थान पर दमकल की गाड़ी को पहुंचने में करीब डेढ़ घंटे का समय लग गया. दमकल की गाड़ी के विलंब से पहुंचने को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा गया. लोगों का कहना है कि यदि समय पर दमकल पहुंच जाती तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था. बाद में दमकल कर्मियों और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका.
फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है. प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस भीषण अगलगी में करीब एक दर्जन दुकानें और घर पूरी तरह जल गए हैं, जिससे 10 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति के नुकसान की आशंका जताई जा रही है. घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. सदर अंचल अधिकारी (सीओ) ने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है. आवासीय घरों और दुकानों में हुई क्षति का आकलन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आवसीय घर वाले अग्निपीड़ित परिवारों को जल्द ही सरकारी योजनाओं के तहत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.
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