किशनगंज में कड़ाके की ठंड, अलाव नदारद, प्रशासन के भरोसे आम लोग व मजदूर

किशनगंज में कड़ाके की ठंड, अलाव नदारद, प्रशासन के भरोसे आम लोग व मजदूर

किशनगंज में कड़ाके की ठंड अलाव नदारद प्रशासन के भरोसे आम लोग व मजदूर

न्यूज़11 भारत
बिहार/डेस्क:
सीमांचल का जिला किशनगंज, जिसे बिहार का दार्जिलिंग भी कहा जाता है, इन दिनों कड़ाके की ठंड की चपेट में है. पिछले दो-तीन दिनों से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है. नेपाल और बांग्लादेश के तराई क्षेत्रों से सटे होने के कारण सुबह से ही घना कोहरा छाया रहता है, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई है. न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, लेकिन ठंडी हवाओं के कारण ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है.

कड़ाके की ठंड के बावजूद नगर परिषद और जिला प्रशासन की ओर से अब तक शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है. इससे सबसे अधिक परेशानी दिहाड़ी मजदूरों, टोटो चालकों और राहगीरों को हो रही है. मजबूरी में लोग कूड़ा-करकट और कार्टून जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं, जो स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए खतरनाक है. आम लोगों का आरोप है कि प्रशासन की सुस्ती उनकी सेहत पर भारी पड़ रही है. इस संबंध में जिला पदाधिकारी विशाल राज ने बताया कि पिछले एक-दो दिनों में ही ठंड बढ़ी है. अलाव के लिए महत्वपूर्ण स्थलों को चिन्हित कर लिया गया है और जल्द ही इसकी व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि यदि ठंड का प्रकोप और बढ़ता है, तो बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों को बंद करने पर भी विचार किया जाएगा.

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