अविनाश श्रीवास्तव/न्यूज़11 भारत
बिहार/डेस्क: ये इश्क नहीं है इतना आसान, एक आग का दरिया है और डूब कर जाना है.. किसी शायर की ये पंक्तियाँ रोहतास की इस प्रेम कहानी पर बिल्कुल सटीक बैठती है. दरअसल, यह प्रेम कहानी है नीतीश और स्नेहा की, जिन्होंने परिवार की रज़ामंदी के बिना मंदिर में शादी कर अपने नए जीवन की शुरुआत की. दोनों प्रेमी रोहतास ज़िले के निवासी है.
बताया जाता है कि जिले के ही देव पड़सर की रहने वाली स्नेहा और उसी के रिश्ते के रोहतास निवासी नीतीश के बीच चार साल पहले प्रेम संबंध छत्तीसगढ़ से शुरू हुआ, जहां यह दोनों एक निजी हस्पताल में कार्यरत थे. धीरे-धीरे यह रिश्ता गहरा होता गया और दोनों एक-दूसरे से शादी करने का फैसला कर चुके थे लेकिन इसी बीच स्नेहा के घरवालों ने उसकी शादी किसी और लड़के से तय कर दी.
हालात ऐसे बने कि स्नेहा अपने प्यार से पीछे हटने को तैयार नहीं थी. आखिरकार उसने साहसिक कदम उठाते हुए अपने प्रेमी नीतीश का हाथ थामा और दोनों डेहरी के समीप स्थित एक मंदिर पहुँचे. वहाँ दोनों ने ईश्वर को साक्षी मान कर एक-दूसरे की मांग में सिंदूर भरकर सात जन्मों तक साथ निभाने का संकल्प लिया. वही मंदिर के पुजारी ने मंत्रों से विवाह को संपन्न कराया. बता दे कि, परिवार और समाज की बंदिशों को चुनौती देते हुए नीतीश और स्नेहा ने अपने प्यार को नाम दे दिया और एक नई ज़िंदगी की शुरुआत की.