न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
अविनाश श्रीवास्तव / रोहतास - रोहतास जिले के नोखा में एक निजी फाइनेंस कंपनी द्वारा लोगों को कम समय में पैसा दोगुना और तिगुना करने का झांसा देकर कथित तौर पर करोड़ों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रोटॉन कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड नामक संस्था निवेशकों का पैसा जुटाने के बाद रातों-रात अपना कार्यालय बंद कर फरार हो गई। बताया जा रहा है कि कंपनी के एजेंट गांव-गांव जाकर लोगों को कम अवधि में अधिक मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाते थे। इसी लालच में हजारों लोगों ने अपनी जमा-पूंजी, खेती-बाड़ी की आमदनी और घरेलू बचत तक कंपनी में निवेश कर दी। जब लोगों को कंपनी के गायब होने की जानकारी मिली तो क्षेत्र में हड़कंप मच गया और निवेशकों में भारी नाराजगी फैल गई।
हाईलाइट्स -
- पैसा दोगुना-तीगुना करने का झांसा देकर करोड़ों रुपये जुटाने का आरोप।
- प्रोटॉन कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड का कार्यालय रातों-रात बंद, संचालक फरार।
- निवेशकों, खासकर महिलाओं ने नोखा में सासाराम-पटना मुख्य मार्ग जाम किया।
- पीड़ितों ने जीवनभर की जमा-पूंजी डूबने की आशंका जताई।
- पुलिस ने जांच शुरू कर दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
महिलाओं का फूटा गुस्सा, मुख्य सड़क पर लगाया जाम
कंपनी के फरार होने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में निवेशक सड़क पर उतर आए। इनमें महिलाओं की संख्या सबसे अधिक रही। आक्रोशित लोगों ने नोखा में सासाराम-पटना मुख्य मार्ग को जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कंपनी के प्रतिनिधियों ने भरोसे और आकर्षक योजनाओं के नाम पर लोगों से बड़ी रकम जमा कराई थी। अब कार्यालय बंद होने और कर्मचारियों के गायब होने के बाद लोगों को अपनी रकम वापस मिलने की उम्मीद भी खत्म होती दिख रही है। कई महिलाएं और बुजुर्ग निवेशक सड़क पर रोते-बिलखते नजर आए। उनका कहना था कि उन्होंने वर्षों की मेहनत से जो पूंजी जोड़ी थी, वह अब डूबती दिखाई दे रही है। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर उनकी जमा राशि वापस दिलाने की मांग की।
जांच में जुटी पुलिस, फर्जी निवेश योजनाओं पर फिर उठे सवाल
सड़क जाम की सूचना मिलते ही नोखा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने पीड़ितों को आश्वासन दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। हालांकि आश्वासन के बावजूद काफी देर तक लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कंपनी ने कितने लोगों से कितनी राशि जमा कराई और उसके संचालक कहां फरार हुए हैं। इस घटना ने एक बार फिर उन फर्जी निवेश योजनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं जो कम समय में दोगुना-तीगुना मुनाफा देने का लालच देकर लोगों की गाढ़ी कमाई हड़प लेती हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में जल्द कार्रवाई कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए, ताकि निवेशकों को न्याय मिल सके और भविष्य में कोई अन्य व्यक्ति इस तरह की ठगी का शिकार न बने।
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