न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - बिहार सरकार राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। इसी कड़ी में सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने महिलाओं को सहकारी बैंकों से जोड़ने के लिए दो नई योजनाओं की शुरुआत की है। इन योजनाओं के तहत महिलाओं को कम ब्याज दर पर ऋण देने के साथ ब्याज में विशेष छूट भी दी जाएगी, ताकि वे आसानी से स्वरोजगार शुरू कर सकें और सुरक्षित बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ सकें।
हाईलाइट्स -
- महिलाओं के लिए सहकारी बैंकों से जुड़ी दो नई योजनाओं की शुरुआत
- कम ब्याज दर और ब्याज में छूट के साथ मिलेगा लोन
- स्वयं सहायता समूहों और संयुक्त देयता समूहों को बढ़ावा
- गोल्ड लोन और बीमा योजनाओं के प्रचार का निर्देश
- ऋण वसूली और बढ़ते एनपीए पर सरकार सख्त
बैंकिंग सुविधाओं और ऋण योजना पर जोर
राज्य सहकारी बैंक और जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों की समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोल्ड लोन, बीमा योजना और अन्य बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचाई जाए। बैठक में बढ़ते एनपीए पर भी चिंता जताई गई और ऋण वसूली को लेकर सख्त कार्ययोजना बनाने का आदेश दिया गया। साथ ही बैंक से कर्ज लेकर फरार होने वालों पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने की बात कही गई।
स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों और संयुक्त देयता समूहों को ज्यादा से ज्यादा ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और छोटे कारोबार शुरू करने में मदद मिलेगी। इससे पहले मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई थी, जबकि अब उन्हें दो लाख रुपये तक की आर्थिक मदद देने की तैयारी की जा रही है।
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