न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - बिहार सरकार ने यातायात नियमों को लेकर अब और कठोर रुख अपनाया है। परिवहन विभाग ने चालान भरने की समयसीमा को 90 दिनों से घटाकर 45 दिन कर दिया है। इसका मतलब है कि वाहन मालिकों को जुर्माना चुकाने के लिए पहले से आधा समय मिलेगा। यदि तय समय में चालान का भुगतान नहीं किया गया, तो वाहन मालिकों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इनमें ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस और प्रदूषण प्रमाण पत्र तक रद्द होना शामिल है। इतना ही नहीं, गाड़ी की खरीद-बिक्री भी रोक दी जाएगी। यह कदम स्पष्ट करता है कि नियम तोड़ने वालों को अब किसी भी तरह की ढिलाई नहीं मिलेगी।
हाईलाइट्स-
- चालान भरने की समयसीमा 90 दिन से घटाकर 45 दिन कर दी गई।
- समय पर जुर्माना न भरने पर लाइसेंस, आरसी, इंश्योरेंस और प्रदूषण प्रमाण पत्र रद्द होंगे।
- लंबित चालान के बावजूद प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी करने वाले केंद्रों पर कार्रवाई होगी।
- “एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना-2026” के तहत 20 हजार चालान निपटाए गए।
- लोक अदालत में चालान भरने वालों को 50% तक की छूट दी गई।
- अगले तीन महीनों में फिर से लोक अदालत का आयोजन होगा।
निगरानी और कार्रवाई
परिवहन विभाग ने पाया कि कई वाहन चालक चालान लंबित रहने के बावजूद प्रदूषण प्रमाण पत्र बनवा लेते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए अब विशेष निगरानी की जाएगी। यदि जांच में यह सामने आता है कि किसी वाहन का चालान लंबित है और फिर भी उसका प्रदूषण प्रमाण पत्र जारी किया गया है, तो वह तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। साथ ही संबंधित वाहन चालक पर अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा और जिस जांच केंद्र ने प्रमाण पत्र जारी किया होगा, उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। पहले यह व्यवस्था पटना समेत कुछ जिलों में लागू थी, लेकिन अब इसे पूरे बिहार में लागू करने की तैयारी है। अगले एक-दो महीनों में सभी जिला परिवहन कार्यालयों में यह नियम प्रभावी हो जाएगा।
लोक अदालत और राहत योजना
लंबित ई-चालानों के निपटारे के लिए परिवहन विभाग ने “एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना-2026” के तहत राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया। इस अभियान में राज्यभर के करीब 20 हजार से अधिक ई-चालानों का निबटारा हुआ और लगभग पांच करोड़ रुपये की राशि जमा हुई। योजना के तहत चालान भरने वाले वाहन चालकों को 50 प्रतिशत तक की छूट दी गई। विभाग ने बताया कि अगले तीन महीनों में फिर से लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा, ताकि लंबित चालानों के निपटारे पर लोगों को राहत मिल सके। यह पहल न केवल नियम पालन को सुनिश्चित करती है बल्कि वाहन चालकों को जुर्माना भरने में सहूलियत भी देती है।
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