न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क: दुर्गापूजा, दीपावली और छठ में घर लौटने की तैयारी कर रहे दूसरे प्रदेशों में रहने वाले बिहार के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रेलवे का टिकट बुकिंग शुरू होते ही कुछ ही मिनटों में बिहार आने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनों की सीटें फुल हो जा रही हैं। कंफर्म टिकट लेने की उम्मीद लेकर ऑनलाइन बैठे यात्रियों को सर्वर की समस्या और टिकट के तेजी से खत्म होने के कारण निराश होना पड़ रहा है।
रेलवे में सामान्य टिकट बुकिंग यात्रा की तारीख से 60 दिन पहले शुरू होती है। मंगलवार को सात अक्टूबर की यात्रा के लिए टिकट बुकिंग शुरू होते ही श्रमजीवी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, विक्रमशिला एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, अजीमाबाद एक्सप्रेस और मगध एक्सप्रेस जैसी बिहार आने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनों में सीटें तेजी से भर गईं। कई यात्रियों को बुकिंग शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद वेटिंग टिकट के विकल्प पर जाना पड़ा।
दूसरे प्रदेशों में पढ़ाई, नौकरी, काम और व्यवसाय करने वाले लोगों का कहना है कि त्योहार में परिवार के साथ घर आने के लिए वे कई दिनों से टिकट बुकिंग शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। निर्धारित समय पर ऑनलाइन टिकट बुक करने के लिए लॉगिन करने के बाद भी कई बार रेलवे का सर्वर खुलने में परेशानी होती है। सर्वर खुलने तक बड़ी संख्या में सीटें बुक हो चुकी होती हैं।
टिकट दलालों पर भी उठ रहे सवाल
टिकट नहीं मिलने से परेशान कुछ यात्रियों ने टिकट बुकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब आम यात्री ऑनलाइन टिकट लेने का प्रयास करता है तो सर्वर की समस्या सामने आती है, जबकि कुछ ही मिनट में ट्रेनों की सीटें भर जाती हैं। इससे यात्रियों के बीच टिकट दलालों और अनधिकृत बुकिंग को लेकर आशंका पैदा हो रही है।
यात्रियों ने रेलवे से दुर्गापूजा, दीपावली और छठ के दौरान बिहार के लिए पर्याप्त संख्या में स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि त्योहार के समय बिहार लौटने वाले यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। ऐसे में नियमित ट्रेनों पर निर्भर रहने के बजाय रेलवे को पहले से अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था करनी चाहिए।