फलक शमीम/न्यूज 11 भारत
हजारीबाग/डेस्क: झारखंड राज्य विस्थापित संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष सह सीपीआई के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद भुनेश्वर प्रसाद मेहता ने शनिवार को पगमिल रोड स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में राज्य सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि विस्थापन नीति, पुनर्वास नीति और विस्थापन आयोग के गठन पर सरकार की चुप्पी विस्थापितों के साथ खुला विश्वासघात है. झारखंड में वर्षों से विस्थापित परिवार न्याय की आस में हैं, लेकिन सरकार ने अब तक कोई ठोस पहल नहीं की है. अगर सरकार ने अब भी कार्रवाई नहीं की तो हम सड़कों पर उतरेंगे और वृहद आंदोलन खड़ा करेंगे.
मेहता ने साफ कहा कि 2013 के भूमि अधिग्रहण अधिनियम को सही रूप में लागू कराना, झारखंड में ठोस नियोजन नीति बनाना और विस्थापन आयोग का गठन करना सरकार का संवैधानिक कर्तव्य है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इन मुद्दों पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो अक्टूबर माह से पूरे राज्य में उलगुलान होगा, जो सरकार की नींद उड़ा देगा.
उन्होंने जानकारी दी कि सितंबर माह में झारखंड के आंदोलनकारी संगठनों के साथ मिलकर एक राज्यस्तरीय सेमिनार आयोजित किया जाएगा, जिसमें विस्थापन और पुनर्वास की समस्याओं पर ठोस रणनीति तैयार होगी. इसके बाद अक्टूबर में राज्यव्यापी आंदोलन की शुरुआत होगी.
मेहता ने कहा कि “जल, जंगल और जमीन पर पहला हक झारखंडी जनता का है. इसे हड़पने की कोशिश करने वालों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी.
इस मौके पर सीपीआई के जिला सह सचिव निजाम अंसारी, कामरेड ऐनुल हक, महेंद्र राम, अनंत कुमार आर्या, हीरामन प्रसाद मेहता, शंभू कुमार एवं मोहम्मद मुस्तकीम उपस्थित थे.
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