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रांची/डेस्क: 18वीं बिहार विधानसभा का गठन होने जा रहा है, इसके गठन से पहले एनडीए की दो प्रमुख पार्टियों बीजेपी और जेडीयू की बैठकों का दौर जारी है. इन बैठकों से जो बातें निकल कर सामने आ रही हैं, उससे अनुसार ऐसा पहली बार होगा जब नीतीश कुमार के हाथ में गृह मंत्रालय नहीं होगा. गृह मंत्रालय भाजपा अपने पास रखना चाह रही है. हालांकि खबर यह भी है कि जदयू गृह मंत्रालय छोड़ने को तैयार नहीं है. अब देखना यह है कि भाजपा और जदयू इस मसले को किस प्रकार हल करते हैं.
बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद से कई तरह की अटकलें लगायी जा रही थी, जिसमें एक यह था कि 'क्या नीतीश कुमार फिर सीएम बन पायेंगे'. लेकिन इस सवाल की गुंजाइश खत्म हो गयी है. अब यह पूरी तरह से तय हो गया है कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री होंगे और 20 नवंबर को ऐतिहासिक गांधी मैदान में शपथ ग्रहण भी करेंगे. जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित एनडीए केढेरों गण्यमान्य उपस्थित रहेंगे.
आज अपने विधायक दल के नेता के नाम पर भी अंतिम मुहर लग जायेगी. विधायक दल के नेता चुने जाने के लिए चिराग पासवान की लोजपा ने राजू तिवारी को अपना नेता घोषित किया है. जीतन राम मांझी की हम पार्टी से प्रफुल्ल विधायक दल के नेता बन गए हैं. रालोद ने उपेंद्र कुशवाहा को नेता चुनने के लिए अधिकृत किया है. जदयू के विधायक दल का नेता चुने जाने के लिए मुख्यमंत्री जदयू विधायकों की बैठक होने वाली है.
भाजपा विधायक दल की बैठक भी आज अटल सभागार में होगी. जिसमें सभी सांसद, विधायक और विधान परिषद सदस्य उपस्थित रहेंगे. भाजपा विधायक दल की बैठक में पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षक भी मौजूद रहेंगे.
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