न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पूजा शर्मा ( संवाददाता) / पटना : बिहार की सियासत में एक बार फिर पोस्टर पॉलिटिक्स ने हलचल तेज कर दी है। राजधानी में भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर वाल्मीकि समाज संघ की ओर से लगाए गए एक पोस्टर ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी। पोस्टर में “बिहार में सम्राट की सरकार हो” की मांग की गई थी, जिसे डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाने की पैरवी के तौर पर देखा जा रहा है।
हाईलाइट्स:
- भाजपा कार्यालय के बाहर वाल्मीकि समाज संघ का पोस्टर लगा
- बिहार में सम्राट की सरकार हो” नारे से सीएम बनाने की मांग
- कुछ ही घंटों में पोस्टर फाड़ा गया, बढ़ी सियासी हलचल
- सम्राट चौधरी का नाम फिर सीएम रेस में चर्चा में
- भाजपा की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं
भाजपा दफ्तर के बाहर लगा ‘सम्राट सरकार’ का पोस्टर, कुछ ही घंटों में फाड़ा गया ।
भाजपा कार्यालय के बाहर लगा पोस्टर, बढ़ी सियासी हलचल
पोस्टर में लिखा था— “वाल्मीकि समाज संघ की यही पुकार, बिहार में हो सम्राट की सरकार।” जानकारी के अनुसार यह पोस्टर वाल्मीकि समाज संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वाल्मीकि उर्फ रमैया के नेतृत्व में लगाया गया था। पोस्टर लगते ही राजनीतिक हलकों में कयासों का दौर शुरू हो गया कि क्या भाजपा के भीतर नेतृत्व को लेकर कोई नई रणनीति बन रही है।
कुछ ही घंटों में फाड़ा गया पोस्टर, बढ़े सवाल
हालांकि यह पोस्टर ज्यादा देर तक नहीं टिक सका। कुछ ही घंटों के भीतर इसे फाड़ दिया गया। पोस्टर हटाए जाने के पीछे किसका हाथ है, यह अब तक साफ नहीं हो पाया है। इस घटना ने सियासी गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार में मुख्यमंत्री पद को लेकर समय-समय पर कई नाम चर्चा में आते रहे हैं। इनमें सम्राट चौधरी का नाम भी प्रमुखता से लिया जाता रहा है। ऐसे में इस तरह का पोस्टर लगना कई राजनीतिक संकेत दे रहा है।
भाजपा की चुप्पी, अटकलों को मिल रहा बल
फिलहाल भाजपा की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी की चुप्पी के बीच पोस्टर पॉलिटिक्स ने बिहार की सियासत को एक बार फिर गर्मा दिया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
कांग्रेस ने किया पलटवार
भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर लगाए गए “सम्राट की हो बिहार में सरकार” वाले पोस्टर को फाड़े जाने के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा के भीतर ही सत्ता को लेकर संघर्ष चल रहा है और पोस्टर फाड़े जाने की घटना उसी का नतीजा है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाए जाने को लेकर पार्टी के अंदर ही विरोध है। उन्होंने कहा कि एक तरफ सम्राट चौधरी को सीएम दावेदार के तौर पर पेश किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के भीतर ही कोई मजबूत नेता उन्हें आगे बढ़ते देखना नहीं चाहता।
कांग्रेस ने इसे भाजपा के अंदरूनी खींचतान और सत्ता संघर्ष का खुला प्रदर्शन बताते हुए कहा कि पोस्टर फाड़ना केवल राजनीतिक संदेश नहीं, बल्कि ताकत और प्रभाव दिखाने की कोशिश भी है।
डॉ. स्नेहाशीष वर्धन, प्रवक्ता, बिहार
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