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पटना/डेस्क: उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि बिहार बजट 2026–27 जन-जन की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बजट है, जो विकसित बिहार की ओर स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है. उन्होंने कहा कि विधानसभा में पेश किया गया यह बजट 14 करोड़ बिहारवासियों के हितों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है और यह सामाजिक न्याय, आर्थिक प्रगति और समावेशी विकास के प्रति एनडीए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार बजट 2026–27 का कुल आकार 3,47,589.76 करोड़ रुपये है, जो पिछले बजट की तुलना में 30,694 करोड़ रुपये अधिक है. उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार के कार्यकाल में बिहार का बजट लगातार बढ़ा है. वर्ष 2004–05 में जहां बजट 23,885 करोड़ रुपये था, वहीं अब यह बढ़कर 3.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो राज्य की बढ़ती आर्थिक क्षमता को दर्शाता है.
सम्राट चौधरी ने कहा कि जिस तरह भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, उसी तरह बिहार भी आर्थिक विकास की रफ्तार में अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा है. अनुमान है कि वर्ष 2025–26 में बिहार की अर्थव्यवस्था 14.9 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी.
उन्होंने बताया कि सात निश्चय-3 के तहत वर्ष 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करने और महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं.
महिलाओं को लेकर किए गए प्रावधानों पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 1 करोड़ 56 लाख से अधिक महिलाओं को 10 हजार रुपये की सहायता दी जा चुकी है. बजट में उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता या ऋण की व्यवस्था की गई है. वहीं किसानों के लिए मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 3 हजार रुपये सालाना अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की गई है.
शिक्षा क्षेत्र में बजट को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने कहा कि 68,216.95 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो सभी विभागों में सर्वाधिक है. यह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर सरकार की प्राथमिकता को दर्शाता है.
स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. स्वास्थ्य के लिए 21,270.40 करोड़ रुपये और ग्रामीण विकास के लिए 23,701.18 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में विकसित करने, हर प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज खोलने की योजना है.
उद्योग के क्षेत्र में सरकार ने लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के निजी निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है. डेयरी, मत्स्य पालन, पशुपालन और मखाना उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके साथ ही 5 नए एक्सप्रेस-वे, सौर ऊर्जा का विस्तार, गरीबों के लिए सस्ता आवास, खेल और पर्यटन सुविधाओं का विकास तथा बुजुर्गों के लिए घर बैठे स्वास्थ्य और संपत्ति पंजीकरण जैसी सुविधाओं की भी घोषणा की गई है.
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार बजट 2026–27 राज्य को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने की मजबूत नींव रखता है और आने वाले वर्षों में बिहार के सर्वांगीण विकास की दिशा तय करेगा.
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