न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना - Election Commission of India ने बिहार विधान परिषद की भोजपुर-बक्सर स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र की रिक्त सीट पर उपचुनाव कराने की औपचारिक घोषणा कर दी है। यह सीट पूर्व एमएलसी राधाचरण सेठ के त्यागपत्र के बाद 16 नवंबर 2025 से खाली पड़ी थी। आयोग की इस घोषणा के साथ ही क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और विभिन्न दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
हाईलाइट्स -
- बिहार की भोजपुर बक्सर एमएलसी सीट पर उपचुनाव का ऐलान कर दिया गया है
- इस सीट पर उपचुनाव के लिए अधिसूचना 16 अप्रैल को जारी होगी
- जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 अप्रैल निर्धारित की गई है
- वही इस सीट पर आगामी 12 मई को मतदान होगा और 14 मई को मतगणना होगा
- यह सीट जदयू नेता राधा चरण शाह के विधानसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद खाली हुई है
- इस सीट पर राजद ने सोनू राय को अपना उम्मीदवार बनाया है
अप्रैल से शुरू होगी चुनाव प्रक्रिया
आयोग द्वारा जारी विस्तृत कार्यक्रम के अनुसार उपचुनाव की प्रक्रिया अप्रैल माह से शुरू होकर मई के मध्य तक पूरी कर ली जाएगी। इस दौरान नामांकन, जांच, नाम वापसी, मतदान और मतगणना जैसी सभी संवैधानिक प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर संपन्न कराई जाएंगी, ताकि चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।
उपचुनाव के लिए 16 अप्रैल 2026 को अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसके साथ ही नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। उम्मीदवार 23 अप्रैल तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद 24 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी, जिसमें उम्मीदवारों के दस्तावेजों की वैधता परखी जाएगी। वहीं, 27 अप्रैल को नाम वापसी की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है, जिसके बाद अंतिम उम्मीदवारों की सूची स्पष्ट हो जाएगी।
12 मई को मतदान, 14 को मतगणना
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार इस सीट के लिए मतदान 12 मई 2026 को कराया जाएगा। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की जाएंगी। मतदान के बाद 14 मई को मतगणना होगी, जिसमें यह तय हो जाएगा कि जनता का प्रतिनिधित्व कौन करेगा। पूरी चुनाव प्रक्रिया को 15 मई तक हर हाल में समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस उपचुनाव में जीत हासिल करने वाले उम्मीदवार का कार्यकाल पूर्ण अवधि का नहीं होगा, बल्कि सीमित रहेगा। आयोग के अनुसार विजेता सदस्य केवल 7 अप्रैल 2028 तक ही विधान परिषद का सदस्य रहेगा, क्योंकि यह सीट पूर्व सदस्य के बचे हुए कार्यकाल के लिए ही भरी जा रही है। ऐसे में उम्मीदवारों के सामने सीमित समय में क्षेत्र में प्रभावी भूमिका निभाने की चुनौती होगी।
आचार संहिता लागू
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। Election Commission of India ने सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को सख्त निर्देश दिया है कि वे आचार संहिता का पालन करें। किसी भी प्रकार की उल्लंघन की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है, ताकि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
गौरतलब है कि राधाचरण सेठ ने नवंबर 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में संदेश सीट से जीत दर्ज की थी। विधायक बनने के बाद उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, जिसके कारण यह सीट रिक्त हो गई। वे जुलाई 2015 से नवंबर 2025 तक एमएलसी रहे और क्षेत्रीय राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
RJD ने उतारा सोनू राय
इस उपचुनाव में राष्ट्रीय जनता दल ने सोनू राय को अपना उम्मीदवार बनाया है। सोनू राय आरा के मीरगंज के निवासी हैं और राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता लालदास राय भी आरजेडी से एमएलसी रह चुके हैं और क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ रही है। सोनू राय का संबंध पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से भी काफी करीबी माना जाता है। 2022 में उन्हें आरजेडी का उपाध्यक्ष बनाया गया था और तब से वे संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
NDA में उम्मीदवार को लेकर मंथन
वहीं, एनडीए की ओर से अभी तक उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन अंदरखाने मंथन जारी है। संभावना जताई जा रही है कि जनता दल (यूनाइटेड) इस सीट पर अपना प्रत्याशी उतार सकती है। चर्चा यह भी है कि राधाचरण सेठ के बेटे कन्हैया सेठ को उम्मीदवार बनाया जा सकता है, हालांकि इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
त्रिकोणीय मुकाबले के संकेत
इस उपचुनाव को लेकर मुकाबला काफी रोचक और कांटे का होने की संभावना है। एक ओर जहां आरजेडी ने अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है, वहीं एनडीए भी जल्द अपना प्रत्याशी उतार सकती है। इसके अलावा जन सुराज पार्टी ने भी चुनाव मैदान में उतर कर मुकाबला काफी ही रोचक बना दिया है। यह मुकाबला भोजपुर- बक्सर के लिए उपचुनाव में त्रिकोणीय मुकाबले के संकेत दे रहे हैं।
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