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रांची/डेस्क: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने आज अल्पसंख्यक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी से उनके आवास पर मुलाकात की. इस अवसर पर दोनों के बीच लंबी, गंभीर और अत्यंत सार्थक चर्चा हुई. चर्चा के दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आज अल्पसंख्यक, विशेषकर मुस्लिम समाज को संगठित और सशक्त करने की नितांत आवश्यकता है. भारतीय जनता पार्टी आज बंदूक से नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से वार कर रही है. सोशल मीडिया भाजपा का सबसे बड़ा हथियार बन चुका है, जिसके जरिए वह विशेष रूप से युवाओं को निशाना बना रही है. यह न केवल हमारे मौलिक अधिकारों का हनन है, बल्कि हमारी सोच, चेतना और ज़मीर पर भी सीधा हमला है.
डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि भाजपा चाहती है कि देश में कट्टर सोच वाले नेता उभरें, समाज में विभाजन हो, भाई-भाई के बीच नफरत फैले और आपसी संघर्ष बढ़े. यही कारण है कि भाजपा को मुस्लिम समाज के भीतर कट्टर नेता अधिक स्वीकार्य लगते हैं. ऐसे में हम सभी को समझदारी, संयम और दूरदर्शिता के साथ आगे बढ़ना होगा तथा कांग्रेस की सेकुलर और समावेशी विचारधारा को अपनाना होगा.
उन्होंने कहा कि हम दोनों नेताओं ने इस बात पर भी विचार किया कि आज उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में अल्पसंख्यक समाज की क्या स्थिति है. इन राज्यों का आकलन करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि यह समझा जा सके कि वहाँ हमारे अल्पसंख्यक मुस्लिम भाई किस हालात में जीवन यापन कर रहे हैं.
इसी क्रम में यह निर्णय लिया गया कि हम मिल-जुलकर समाज के हर उस हिस्से तक पहुँचेंगे, जहाँ हमारी आवश्यकता है. समाज को संगठित और मजबूत करेंगे तथा कांग्रेस पार्टी की विचारधाराओं को जन-जन तक पहुँचाएंगे, ताकि पूर्व की तरह हमारा समाज हर क्षेत्र में आगे बढ़े, फले-फूले और प्रगति करे.
वार्ता के दौरान हम दोनों नेताओं ने देशभर के अल्पसंख्यक भाइयों से स्पष्ट अपील की कि वे सच्चे सेकुलर और लोकतांत्रिक विचारधारा वाले नेतृत्व की बात सुनें. कुछ तथाकथित नेता, जो भाजपा के इशारे पर काम करते हैं, अल्पसंख्यक समाज—विशेषकर मुस्लिम समाज—के नाम पर भ्रम फैलाकर समाज की सोचने-समझने की शक्ति का दुरुपयोग कर भाजपा को अप्रत्यक्ष लाभ पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं. ऐसे लोगों से समाज को सतर्क रहने की आवश्यकता है और उन्हें राजनीतिक रूप से अस्वीकार किया जाना चाहिए.
यह सर्वविदित है कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा सभी धर्मों और वर्गों का सम्मान किया है.
आदिवासी, दलित, ओबीसी, ब्राह्मण, भूमिहार, सवर्ण, पिछड़े वर्ग और मुसलमान—सभी को उनका संवैधानिक अधिकार और सम्मान दिलाने का कार्य कांग्रेस पार्टी ने निरंतर किया है.
दुर्भाग्यवश, भाजपा के सत्ता में आने के बाद कुछ कट्टर सोच वाले तथाकथित मुस्लिम नेता भाजपा से नजदीकियाँ बढ़ाकर देश की एकता और अखंडता को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं. इससे सबसे अधिक नुकसान अल्पसंख्यक समाज और देश की गंगा-जमुनी तहज़ीब को हो रहा है.
दोनों ने पूरे विश्वास के साथ कहा कि, आज भले ही पार्टी एक कठिन दौर से गुजर रही हो, लेकिन यह पूर्ण विश्वास है कि कांग्रेस पार्टी फिर मजबूती के साथ देश की राजनीति में शीर्ष स्थान प्राप्त करेगी. कांग्रेस पार्टी ने देश को अनेक महान मुस्लिम नेता दिए हैं. लेकिन जब कट्टरपंथी सोच वाले नेता अलग-अलग दल बनाकर हमारे वोटों का विभाजन करते हैं, तो उसका सीधा लाभ भाजपा को मिलता है और हमारी सामूहिक आवाज कमजोर पड़ जाती है.
इसीलिए हमने सभी अल्पसंख्यक और प्रबुद्ध मुस्लिम भाइयों से आग्रह किया कि वे कट्टरपंथ और विभाजनकारी राजनीति से दूरी बनाए रखें, सेकुलर विचारधारा को मजबूत करें और कांग्रेस के साथ एकजुट होकर भाजपा को लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब दें, ताकि देश में एक मजबूत, सेकुलर और समावेशी सरकार का गठन हो सके. कांग्रेस पार्टी ने हम दोनों को जो जवाब दे है , ईमानदारी से कांग्रेसी विचारधारा को जनता तक जन-जन तक पहुंचा कर कांग्रेस की नीति ,कांग्रेस पार्टी को मजबूत करूंगा.
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