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नवादा/डेस्क: नवादा जनता दल यूनाइटेड में नवादा जिले के जिला अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है. वर्तमान जिला अध्यक्ष के खिलाफ पार्टी के पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं में जबरदस्त असंतोष देखने को मिल रहा है. इस असंतोष के चलते कुल 18 कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है और नामांकन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है.
यह स्थिति जदयू के संगठनात्मक चुनावों में अब तक का सबसे बड़ा विद्रोह मानी जा रही है.प्रत्याशियों ने पत्रकारों से बातचीत में वर्तमान अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि अध्यक्ष पुराने कार्यकर्ताओं के साथ ठीक व्यवहार नहीं करते, उन्हें नजरअंदाज कर नए-नए लोगों को महत्वपूर्ण पद दे देते हैं. पार्टी के हित में ठोस काम नहीं हो रहा है और अध्यक्ष अपनी मनमानी थोपते हैं, सबको 'अपने कहने पर चलने' के लिए मजबूर करते हैं. इन आरोपों के कारण कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है, जो अब खुलकर सामने आ गई है.यह घमासान जदयू के लिए चुनौतीपूर्ण है. नीतीश कुमार के नेतृत्व में पार्टी को राज्य स्तर पर मजबूत समर्थन मिलता है, लेकिन जिला स्तर पर नेतृत्व को लेकर असंतोष कई जिलों में देखा जा रहा है.
नवादा में यह विरोध इतना व्यापक है कि पार्टी हाईकमान को हस्तक्षेप करना पड़ सकता है. यदि नामांकन वापस नहीं हुए तो चुनाव में कड़ा मुकाबला होगा, जो संगठन की एकता पर असर डाल सकता है.कार्यकर्ता पार्टी को मजबूत बनाने की बात करते हैं, लेकिन स्थानीय नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं. यह घटना बिहार की राजनीति में जिला स्तर की गुटबाजी को उजागर करती है. स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं कि पार्टी क्या फैसला लेती है.
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