संतोष श्रीवास्तव/न्यूज़ 11भारत
पलामू/डेस्क: पलामू जिला के निलांबर-पीतांबरपुर प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत एशिया के सबसे बड़े लाह बगान—कुंदरी लाह बगान—के पुनर्विकास और संरक्षण की मांग को लेकर ग्रामीणों और उद्घोष फाउंडेशन ने झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर को विस्तृत ज्ञापन सौंपा. कुंदरी पहुंचने पर ग्रामीणों ने वित्त मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया और लाह उद्योग से जुड़े मुद्दों पर तत्काल हस्तक्षेप की अपील की. ज्ञापन में बताया गया कि 421 एकड़ में फैला यह बगान एशिया का सबसे बड़ा और सर्वाधिक उत्पादक लाह क्षेत्र है. वर्ष 2013 से 2019 के बीच यहां संरक्षण और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई थी, लेकिन विभागीय उपेक्षा के कारण पिछले 35 वर्षों से यह क्षेत्र अपनी पूरी संभावनाओं का उपयोग नहीं कर पा रहा है.
ग्रामीणों ने मांग की कि बगान को राज्य संरक्षण के तहत पुनः सक्रिय किया जाए और 50,000 से अधिक पौधों पर लाह उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया जाए. साथ ही लाह आधारित लघु उद्योग, ट्रेनिंग सेंटर, ‘बूँद खंड (लाह बैंक)’ की स्थापना, मेडिकल इंस्टीट्यूट तथा इको-टूरिज्म सेंटर विकसित कर स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित किए जाएँ. ग्रामीणों ने यह भी अनुरोध किया कि कुंदरी लाह बगान उन्हें गोद दिया जाए ताकि वित्त मंत्री की अध्यक्षता में बड़े पैमाने पर लाह उत्पादन कर हजारों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सके. वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने आश्वस्त किया कि कुंदरी लाह बगान का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि “मंत्री होने के नाते यह मेरा नैतिक दायित्व है कि लाह बगान का सुदृढ़ीकरण हो, प्लास लाह उत्पादन बढ़े और लोगों को रोजगार मिले. जल्द ही सभी संबंधित पदाधिकारियों के साथ इसी कुंदरी लाह बगान में बैठक कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
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