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रांची/डेस्क: लातेहार जिले के चंदवा (लुकुइया मोड़) में पुलिस पेट्रोलिंग वैन पर हुए माओवादी हमले और चार पुलिसकर्मियों की शहादत से जुड़े एनआईए केस में दो आरोपियों को बेल मिल गया है. इस मामले के शुरुआती आरोपियों में से एक, फागुना गंझू और सुनील गंझू उर्फ मंगरा गंझू को झारखंड उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच से जमानत मिल गई है.
इससे पहले रांची की विशेष एनआईए अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद, बचाव पक्ष की ओर से उच्च न्यायालय में क्रिमिनल अपील (डिवीजन बेंच) यानी Cr A(DB) दाखिल की गई थी. हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की लंबी बहस और कानूनी दलीलों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया.
क्या है पूरा मामला
यह मामला 22 नवंबर 2019 का है, जब भाकपा (माओवादी) के दस्ते ने चंदवा के लुकुइया मोड़ के पास पुलिस की पीसीआर गाड़ी पर घात लगाकर अंधाधुंध फायरिंग की थी. इस हमले में झारखंड पुलिस के 4 जवान शहीद हो गए थे. स्थानीय चंदवा थाना (कांड संख्या 158/2019) की शुरुआती जांच के बाद जून 2020 में एनआईए ने इस केस को टेकओवर (RC-25/2020) किया था.
फागुना गंझू और सुनील गंझू लंबे समय से जेल में बंद था. रांची लोअर कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद हाई कोर्ट की के समक्ष Cr A(DB) दायर कर निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी गई थी. पूर्व में मामले के दो सह आरोपी बैजनाथ और राजेश को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है. न्यायाधीश रोंगोंन मुखोपाध्याय और अरुण कुमार राय की खंडपीठ ने लंबे समय से हिरासत में होने और ट्रायल पूरा होने में लगने वाले समय को देखते हुए अपील को स्वीकार किया और जमानत मंजूर की.
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