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रांची/डेस्क: दहेज प्रताड़ना और गर्भपात कराने के मामले में ट्रायल का सामना कर रहे तीन आरोपियों को कोर्ट से बड़ी राहत मिली हैं. अपर न्यायायुक्त अमित शेखर की अदालत ने मो. टिपू सुल्तान, मो. साकीर हजाम और नासरीन खातून को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया.
यह मामला साल 2017 का है, जब शिकायतकर्ता ए. खातून ने अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि शादी के बाद उनके पति और ससुराल वालों ने एक लाख रुपए के साथ अतिरिक्त दहेज की मांग की और पैसे नहीं देने पर मारपीट कर गर्भपात कराने की कोशिश की.
हालांकि, अदालत में गवाही के दौरान पीड़िता ने मामले का समर्थन नहीं किया. उन्होंने कहा कि परिवार के साथ समझौता हो चुका है और अब वह केस को आगे नहीं बढ़ाना चाहती. साथ ही अन्य गवाहों ने भी अदालत को बताया कि उन्हें घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं हैं. अदालत ने इन सब तथ्यों को देखते हुए तीनों आरोपियों को बरी कर दिया.
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