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रांची/डेस्क: देवघर जिला के जसीडीह एमपी माइनिंग एंड एनर्जी लिमिटेड के हेड–बिजनेस डेवलपमेंट आलोक कुमार वर्मा पांच दिनों से लापता है. लेकिन उनका सुराग अभी तक नहीं मिल पाया है. आलोक कुमार वर्मा की गुमशुदगी की सबसे रहस्यमयी पहेली यह है कि उनकी कार चतरा जिला के लावालौंग थाना क्षेत्र में लावारिस हालत में मिली, उनका मोबाइल लोकेशन देवघर के जसीडीह की मिला. उन्होंने खुद अपने साला के खिलाफ अपहरण की आशंका की शिकायत दर्ज कराई, वहीं उनकी पत्नी ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया. इस सारे प्रकरण में पुलिस भी चकरघिन्नी हो गयी है. मामले में प्रेम प्रसंग का एंगल सामने आने से पुलिस और भी उलझ गई है.
परिजनों के अनुसार, वह चतरा स्थित अपने ससुराल से लामटा मोड़ जाने की बात कहकर निकले थे, इसके बाद उनका कुछ भी पता नहीं चल रहा है. इस पूरे प्रकरण में जितने भी पात्र सामने आये हैं, सबके अलग-अलग बयानों से भी मामला और भी उलझ जा रहा है. जसीडीह थाना प्रभारी दीपक कुमार ने आलोक वर्मा के द्वारार अमन प्रधान के खिलाफ किडनैपिंग की शिकायत करने की बात स्वीकार कर रहे हैं. पूछताछ के लिए जब परिवारवालों को बुलाया गया तब सब अलग-अलग कहानी बताने लगे. ससुराल पक्ष का आरोप है कि आलोक वर्मा का जसीडीह के एक वाहन शोरूम में काम करने वाली युवती से कथित प्रेम संबंध है. पुलिस के सामने जितने भी तथ्य सामने आए हैं, सभी पर वह गौर कर रही है, लेकिन वह अपनी जांच को किस दिशा में लो जाए यह नहीं समझ पा रही है. आलोक वर्मा खुद गायब हुए हैं या फिर उनका अपहरण हुआ है, यह अभी नहीं पता चल पा रहा है. उनके सामने आने के बाद ही सारी गुत्थी सुलझ सकती है.
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