अम्बर कलश तिवारी/न्यूज11 भारत
धनबाद/डेस्क: टुंडी तह पूर्वी टुंडी में डायरिया पर रोक नहीं लग पा रहा है. दे महीने से अधिक हो गए है और किसी न किसी गांव में डायरिया के मरीज मिल ही जा रहे हैं. दो महीने से क्षेत्र में यह बीमारी लगातार पांव पसार रही है. डायरिया की चपेट में सौ से अधिक लोग आ चुके हैं. सरकारी आंकड़े के अनुसार तीन की मौत हुई है. स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नियंत्रण का दावा तो करता है लेकिन नए मरीज मिल ही रहे है. स्थिति यह है कि स्वास्थ्य विभाग अभी तक बीमारी के असली कारणों का पता भी नहीं लगा पाया है.
शुरुआती दिनों में स्वास्थ्य विभाग को आशंका थी कि डायरिया के पीछे दूषित पानी जिम्मेदार हो सकता है. इसको लेकर टुंडी और पूर्वी टुंडी के प्रभावित इलाकों से करीब 30 जलस्रोतों के पानी की सैंपल जांच के लिए भेजे गए. लेकिन रिपोर्ट ने विभाग की आशंका को गलत साबित कर दिया. एक दो को छोड़ दें तो सभी सैंपल सही पाए गए. रिपोर्ट आने के बाद अब अधिकारी भी उलझन में हैं कि जब पानी दूषित नहीं है, तो बीमारी आखिर किस वजह से फैल रही है.
इस बीच क्षेत्र में नए मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. कई गांवों में लगभग हर घर में किसी न किसी को उल्टी-दस्त की शिकायत है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवा वितरण और जांच शिविर तो लगाए जा रहे हैं, लेकिन बीमारी पर रोक नहीं लग पा रही. हालात यह हैं कि कई लोग इलाज के लिए अब निजी क्लीनिकों और धनबाद शहर के अस्पतालों का रुख कर रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि टीम लगातार गांवों में जाकर स्थिति का जायजा ले रही है. डॉक्टरों की अतिरिक्त टीमें भी भेजी गई हैं. विभाग इस बीमारी को रोकने और पीड़ितों की बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने की हर संभव कोशिश में जुटा है. अधिकारियों का यह भी कहना है कि दूषित भोजन या स्वच्छता की कमी भी डायरिया के फैलाव की बड़ी वजह हो सकती है. लोगों को इसके लिए भी जागरूक किया जा रहा है.
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