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रांची/डेस्क: झारखंड खनन में अव्वल राज्यों में है तो यहां पर खनन के अवैध कारोबार का साम्राज्य खड़ा करने वालों की चांदी भी खूब रही है. लेकिन लगता है अब कोयले के कारोबारियों के दिन भी अब काले होने लगे हैं. और ऐसा तब से हो रहा है जब से गृह मंत्रालय और कोयला मंत्रालय ने झारखंड के विशेष कर धनबाद के साथ देश के दूसरे कोयला खदानों में हो रहे अवैध खनन पर निगाहें टेढ़ी कर ली है. अवैध कोयला खनन पर नियंत्रण के लिए जब से गृह मंत्रालय ने नई नीति और रणनीति बनाई है दूसरे दिन से ही कार्रवाइयां तेज हो गई हैं. केन्द्र सरकार और सुरक्षाबलों के लगातार एक्शन से काले कारोबारियों में हड़कम्प मचा हुआ है. अवैध कोयले के खिलाफ एक्शन लगातार जारी भी है. धनबाद, हजारीबा, खलारी से बड़ी मात्रा में अवैध कोयला जब्त किए जाने की खबरें आ रही हैं.
धनबाद, जो का कोयले के काले कारोबार का गढ़ रहा है, वहां तो हड़कम्प मचा हुआ है. सीआईएसएफ के नव-पदस्थापित डीआईजी राजीव मिश्रा सिजुआ और कतरास क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं. उन्होंने लोयाबाद, जोगता थाना क्षेत्र के 22/12, एसबीसी रेलवे साइडिंग और कांटा पहाड़ी जैसे संवेदनशील इलाकों का दौरा किया. निरीक्षण के दौरान बीसीसीएल धनबाद यूनिट के वरीय कमांडेंट अजय सिंह, कमांडेंट मुकेश कुमार गुप्ता समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. पूरे अभियान के दौरान भारी संख्या में सीआईएसएफ जवान तैनात रहे.
संवेदनशील इलाकों का दौरा करने के बाद डीआईजी राजीव मिश्रा ने ताजा स्थिति पर भी बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जहां से लगातार अवैध कोयले के खनन की शिकायतें मिलती थीं, पिछले 13 दिनों से प्रभावित क्षेत्रों में अवैध कोयला उत्खनन पूरी तरह बंद है, उन्होंने साफ-साफ कहा कि इस कारोबार में शामिल कुछ सफेदपोशों और कारोबारियों के नाम सामने आए हैं. पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
डीआईजी ने यह भी कहा कि जहां पहले अवैध खनन होता था, जहां अब अवैध कोयला का खनन बंद हैं, वहां किसी भी कीमत पर दोबारा अवैध गतिविधियां शुरू नहीं होने दी जाएंगी. इस औचक निरीक्षण और सीआईएसएफ की सख्ती से अवैध कोयला कारोबारियों को सांप सूंघ गया है.
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