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रांची/डेस्क: हजारीबाग वन भूमि घोटाला में एसीबी ने विनय चौबे को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है. एसीबी ने मामले में 14 पन्नों की चार्जशीट में विनय चौबे को लेकर किये गये अहम खुलासे में उनकी सम्पत्ति को आय से 53 प्रतिशत अधिक बताया. एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में कहा कि जब चौबे हजारीबाग में DC थे तब उन्होंने पत्नी के नाम पर खरीदी गई वन भूमि के म्यूटेशन के लिए अधिकारियों पर दबाव बनाया था. इस बात को साबित करने के लिए एसीबी ने सुबूत भी पेश किये हैं. इसके साथ ही चार्जशीट में एसीबी ने 13 गवाहों की सूची भी सौंपी है. एसीबी के ये गवाब तत्कालीन अंचल अधिकारी, राजस्व कर्मी, एसीबी के डीएसपी और अन्य अधिकारी है.
बता दे कि हजारीबाग वनभूमि का जिक्र एसीबी ने अपनी चार्जशीट में किया है हजारीबाग के सदर अंचल के थाना नंबर 252 में स्थित है. जिसका खाता नंबर 95, प्लाट नंबर 1055, 1060 और 848 जिसका कुल रकबा 28 डिसमिल एवं खाता नंबर 73, प्लाट नंबर 812 का रकबा 72 डिसमिल है.
ACB ने विनय चौबे और विनय सिंह के बीच व्यापारिक संबंधों का भी जिक्र अपनी चार्जशीट में किया है. एसीबी के मुताबिक विनय चौबे की पत्नी स्वप्ना संचिता, साले शिपिज त्रिवेदी समेत अन्य पारिवारिक सदस्यों के साथ करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया है. एसीबी ने साफ कहा कि विनय चौबे ने यह सब अपने पद का दुरुपयोग करते हुए किया और आय से अधिक की सम्पत्ति अर्जित की जो कि लगभग 53 प्रतिशत ज्यादा है. इसके साथ एसीबी ने एक और खुलासा किया कि और विनय चौबे, उनके पारिवारिक सदस्यों के साथ विनय सिंह की कंपनी के बीच 50 से ज्यादा बैंक ट्रांजेक्शन हुए हैं, जो कि करोड़ों में हैं.
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