पंकज कुमार/न्यूज11 भारत
गुमला/डेस्क: घाघरा के गुनिया गांव में प्रकृति का पावन पर्व सरहुल घाघरा प्रखंड क्षेत्र के गुनिया गांव में सरहुल संचालन समिति गुनिया के तत्वावधान में शुक्रवार को धूमधाम और पारंपरिक रीति रिवाज के साथ मनाया गया. इस अवसर पर गांव के बैगा सुखेश्वर पहन ने पारंपरिक विधि से पूजा-अर्चना कर गांव और क्षेत्र के लोगों की सुख-समृद्धि व मंगल कामना की. पूजा के बाद पूरे गांव में उत्सव का माहौल देखने को मिला.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयोजन समिति के अध्यक्ष राजकुमार उरांव ने कहा कि सरहुल हमारा प्राकृतिक एवं पारंपरिक त्योहार है, जो प्रकृति और मनुष्य के बीच के अटूट संबंध और स्नेह को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन से आदिवासी समाज का जुड़ाव सदियों पुराना है, जिसका इतिहास भी साक्षी रहा है. प्रकृति की रक्षा करना हम सभी का परम कर्तव्य है.
कार्यक्रम के दौरान कई खोड़हा दलों द्वारा पारंपरिक गीत-नृत्य प्रस्तुत किए गए, जिससे माहौल पूरी तरह सरहुलमय हो गया. इसके साथ ही गांव में शोभायात्रा भी निकाली गई. इस अवसर पर समिति के सचिव अमोद उरांव, करीमन उरांव, चंपा उरांव, सुरेंद्र पहन, फगुआ पहन, जसोदा उरांव, जसमणी उरांव सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और खोड़हा दल के सदस्य उपस्थित थे.
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