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रांची/डेस्क: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) झारखंड के तहत 298 संविदा पदों पर चल रही नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया हैं. बहाली में अनियमितताओं और प्रक्रिया पर उठे सवालों के बाद यह फैसला लिया गया. मामले को गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने जांच का आदेश दिया हैं.
जानकारी के अनुसार, 20 जून 2025 को इन पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था. बाद में योग्य अभ्यर्थियों को चयन सूची से बाहर रखने और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरतने की शिकायतें सामने आई. झारखंड ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन समिति ने इस संबंध में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह को सूचित किया हैं. संभावना है कि अब नई प्रक्रिया के तहत दोबारा विज्ञापन जारी किया जाएगा.
इन पदों में वरीय अस्पताल प्रबंधक के 39, अस्पताल प्रबंधक के 201, वित्तीय प्रबंधक (फाइनेंस मैनेजर) के 29 और आईटी एग्जीक्यूटिव के 29 पद शामिल थे. इन सभी पदों पर 41 हजार से 60 हजार रुपये तक मासिक मानदेय निर्धारित किया गया था. अभ्यर्थियों की शिकायतों के बाद मुख्यमंत्री सचिवालय ने एनएचएम के प्रशासनिक पदाधिकारी के माध्यम से मानव संसाधन कोषांग (एचआर सेल) से स्पष्टीकरण मांगा था. साथ ही पूरे मामले की जांच कर 15 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट देने को कहा गया था. इस संबंध में उप सचिव घनश्याम प्रसाद सिंह द्वारा पत्र जारी किया गया था.
नियुक्ति प्रक्रिया के तौर-तरीकों को लेकर भी आपत्ति जताई गई थी. 28 और 29 नवंबर को चयन प्रक्रिया प्रस्तावित थी, लेकिन उससे पहले 31 अक्टूबर को एक पत्र जारी कर अभ्यर्थियों से दस्तावेज दोबारा अपलोड करने को कहा गया. इसके लिए केवल 1 और 2 नवंबर तक का समय दिया गया, जबकि 3 नवंबर को वॉक-इन इंटरव्यू की तिथि तय थी.
अस्पताल प्रबंधक पद के लिए जारी शॉर्टलिस्ट में कई योग्य अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया गया था. जांच में 29 अभ्यर्थियों को गलत तरीके से नॉट शॉर्टलिस्टेड किए जाने की पुष्टि हुई. वहीं, कुछ ऐसे उम्मीदवारों के चयन की बात भी सामने आई, जो निर्धारित योग्यता और अनुभव की शर्तों को पूरा नहीं करते थे. फिलहाल पूरी प्रक्रिया निरस्त कर दी गई है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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